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आवश्यक रस्मों के बिना हिंदू विवाह वैध नहीं : उच्चतम न्यायालय

नयी दिल्ली: एक मई (ए) उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि हिंदू विवाह ‘‘नाचने-गाने, खाने-पीने’’ या वाणिज्यिक लेनदेन का अवसर नहीं है और वैध रस्मों को पूरा किए बिना किसी शादी को हिंदू विवाह अधिनियम के तहत मान्यता नहीं दी जा सकती है।
न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा कि हिंदू विवाह एक संस्कार और पवित्र बंधन है जिसे भारतीय समाज में काफी महत्व दिया जाता है।



