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रियल टाइम्स फॉलोअप: पहली बार आधे साल में ही रीयल एस्टेट में 163 नई योजनाएं

जुलाई के पहले ही सप्ताह में 20 नई याेजनाएं

रायपुर(realtimes) इस साल रीयल एस्टेट में रिकाॅर्डतोड़ योजना लांच हो रही हैं। कोरोना के कारण अब लोगों को अपने घर की अहमियत का अहसास हुआ है, क्योंकि कोरोना में वर्क फ्रॉम होम पर ज्यादा जोर दिया गया। इसके कारण रीयल एस्टेट को बड़ा फायदा हुआ है। इस साल तो महज आधे साल में ही रिकाॅर्डतोड़ 163 योजनाएं लांच हो गई हैं। यह एक रिकाॅर्ड है क्योंकि इसके पहले पिछले साल, साल भर में 136 योजनाएं लांच हुईं थीं। इस बार तो तय लग रहा है कि योजनाओं को दोहरा शतक जरूर पूरा होगा, क्योंकि अभी तो पूरा आधा साल बाकी है। जुलाई के पहले ही सप्ताह में 20 नई याेजनाएं आ गईं हैं

कभी किसी ने साेचा नहीं था कि घर पर बैठकर भी अपने दफ्तर का काम हाे सकता है, लेकिन काेराेना में वर्क फ्राॅम हाेम ने इसकाे सच साबित करके दिखाया और घराें की अहमियत बढ़ने से रीयल एस्टेट में पहली बार बड़ा बूम आया है। पिछले साल कोरोना के बाद रीयल एस्टेट में त्योहारी सीजन में बहुत घर बिके हैं। करीब छह सौ करोड़ का कारोबार हुआ है। इस काराेबार की रफ्तार ने पहले ही अहसास करा दिया था कि आने वाला साल रीयल एस्टेट के लिए बड़ा अच्छा साल हाेने वाला है। यह अब दिखने भी लगा है।

रेरा से मंजूरी जरूरी

रीयल एस्टेट से जुड़ी हर योजना को अब रेरा से मंजूरी लेनी पड़ती है। चाहे वह सरकारी योजना हो या फिर निजी योजना उनको रेरा में पंजीयन के बिना प्रारंभ नहीं किया जा सकता है। रेरा में जब फरवरी 2018 से पंजीयन प्रारंभ हुआ तो यही साल ऐसा रहा, जिसमें रिकार्डतोड़ 897 योजनाओं का पंजीयन हुआ। ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि हर बिल्डर को अपनी पुरानी योजनाओं का भी पंजीयन कराना जरूरी था। दूसरे साल पुरानी और नई योजनाओं को मिलाकर 192 योजनाएं मंजूर हुईं। 2020 में कोरोनाकाल होने के बाद भी 100 नई योजनाओं का पंजीयन रेरा में हुआ। 2021 में पिछले साल का रिकॉर्ड टूटा और 136 नई योजनाओं का पंजीयन हुआ। इस साल योजनाओं की बाढ़ आ गई है। जनवरी में 20 योजनाएं लांच हुईं। अगले माह फरवरी में यह रिकॉर्ड टूटा और 23 योजनाएं आईं। मार्च में भी फरवरी का रिकॉर्ड टूटा और 26 योजनाओं का पंजीयन रेरा में हुआ। इसके बाद अप्रैल में नया रिकार्ड बना और 36 योजनाएं पंजीकृत हुईं हैं। मई में भी रिकार्ड योजनाएं लांच होने की संभावना थी, लेकिन इसी माह बिल्डिंग मटेरियल की कीमत ज्यादा होने के कारण ज्यादा योजनाएं लांच नहीं हो सकीं और इस माह 19 योजनाएं ही लांच हुईं। जून में अब तक 19 नई योजनाएं लांच हुईं हैं। जुलाई के पहले ही सप्ताह में 20 नई याेजनाएं आ गईं हैं। में कुल मिलाकर 163 योजनाएं अब तक लांच हो चुकी हैं।

रायपुर पहले नंबर पर

प्रदेशभर में इस समय रेरा में 1472 योजनाओं का पंजीयन है। इसमें सबसे ज्यादा 700 योजनाएं रायपुर की हैं। इसके बाद बिलासपुर की 260 योजनाएं है। दुर्ग में 165 योजनाओं में से 50 योजनाएं पाटन में चल रही हैं। इसके अलावा रायगढ़ में 72, राजनांदगांव में 62, जांजगीर-चांपा में 29, कोरबा में 31, बस्तर में 27, धमतरी में 35, सरगुजा में 27 योजनाएं चल रही हैं। इसके अलावा छोटे जिलों में आधा दर्जन से लेकर एक दर्जन योजनाएं चल रही हैं।

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