कांग्रेस-भाजपा में अब गरीब के घर खाना खाने काे लेकर सियासत  - realtimes
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कांग्रेस-भाजपा में अब गरीब के घर खाना खाने काे लेकर सियासत 

रायपुर(realtimes) कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा, भूपेश बघेल का प्रभाव कहें या उनकी लोकप्रियता का डर, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह गरीब के घर खाना खाने मजबूर हो गए हैं। 15 साल तक इस प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब हमने कोई तस्वीर नहीं देखी कि उन्होंने किसी रामफल के यहां भोजन किया हो और उनको मैं चुनौती देता हूं कि आपके मुख्यमंत्री रहने के दौरान यदि किसी गरीब के यहां भोजन किये हो, तो उसका ट्वीट, वीडियो सार्वजनिक करें। कांग्रेस की इस चुनौती के बाद भाजपा ने कुछ फोटो शेयर करने के साथ कहा है कि डॉ. रमन सिंह हमेशा से गरीबों के घर गए हैं और भोजन भी किया है।

श्री शुक्ला ने कहा, डॉ. रमन सिंह ने जो फोटो ट्वीट किया है, उस फोटो से स्पष्ट लग रहा है कि रामफल धीवर के घर के सामने भोजन नहीं कर रहे हैं, उनके घर के सामने पंडाल बना हुआ है, संभव है भाजपा का कार्यक्रम था, उसमें भोजन कर रहे हैं और ट्वीट करके चिपका दिया रामफल धीवर के यहां भोजन कर रहे हैं। श्री शुक्ला ने कहा, चुनावी वर्ष को देखते हुए भाजपा के नेताओं को कार्यकर्ता और गरीबों की याद आ रही है। 15 साल तक तो भाजपा के कार्यकर्ता ही भाजपा नेताओं के सामंती प्रवृत्ति से परेशान थे।

डॉ. रमन जनसेवा के पर्याय : बांधी

प्रदेश भाजपा प्रवक्ता डॉ कृष्णमूर्ति बांधी ने कांग्रेस के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, डॉ. रमन सिंह 15 साल मुख्यमंत्री के रूप में, उसके पहले केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में और उसके पहले गरीबों के डॉक्टर के रूप में जनसेवा की है। उनका जनसेवा भाव और आम जनता से आत्मीयता का कीर्तिमान कांग्रेस के मुख्यमंत्री कभी सपने में भी नहीं छू सकते। डॉ. रमन ने डेढ़ दशक तक मुख्यमंत्री रहते हुए गरीबों को अपना परिवार माना है और आजीवन मानते रहेंगे। डॉ. रमन सिंह ने ही गरीबों के साथ, बच्चों के साथ भोजन करने की परंपरा शुरू की। भूपेश बघेल तो इसमें भी राजनीति कर रहे हैं। श्री बांधी ने कहा कि या तो कांग्रेस के संचार प्रमुख वर्ष 2018 के बाद राजनीति में आए हैं या फिर 2018 से पहले वह गहरी नींद में सोए हुए थे जो उन्हें न तो उन्हें छत्तीसगढ़ का विकास दिखाई दिया और न ही डॉक्टर साहब की सभी को साथ लेकर चलने की नीति दिखाई दी। भूपेश भक्ति में उन्हें सब कुछ उन्हीं पर केंद्रित नजर आता है। उन्होंने कहा, 2018 के बाद राजनीति में आए सुशील आनंद शुक्ला के लिए मैं कुछ तस्वीरें लेकर आया हूं। वह इन तस्वीरों को देख लें और भूपेश बघेल को भी दिखा दें तो शायद उन्हें यह समझ आ जाएगा कि किस व्यक्ति ने किस से प्रेरणा लेकर क्या काम किया है। डॉ. रमन के लिए गरीबों के घर पर उनके साथ भोजन करना समान भाव और सेवा भाव का प्रतीक होता था, लेकिन आज भूपेश बघेल ने इस सेवा को भी राजनीति में परिवर्तित कर दिया है। 

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