Tax से बचना है तो करें इन पॉलिसी में इन्वेस्ट,जानें

हर कोई अपने और अपने परिवार के लिए आर्थिक रूप से अच्छा फ्यूचर देना चाहता है। यह सुनिश्चित करने के लिए हमारे सामने एकमात्र समस्या यह है कि हम कितना टैक्स चुकाते हैं। आपकी इनकम में वृद्धि का मतलब है कि आपको अधिक टैक्स का पेमेंट करना होगा। यही कारण है कि टैक्सपेयर हमेशा अपनी सैलरी पर न्यूनतम टैक्स का पेमेंट करने के लिए अलग-अलग तरीकों की तलाश करते हैं।
आज हम आपको ऐसे कटौतियों और टैक्स सेविंग इंस्ट्रूमेंट्स के बारे में बताएंगे जिससे टैक्स का बोझ कम हो सकता है।
सैलरी स्लिप में विभिन्न घटक कौन से हैं
बेसिक सैलरी
महंगाई भत्ता
एचआरए
एलटीए
पेमेंट
बच्चों की शिक्षा और हॉस्टल अलाउंस
हाउस रेंट
मानक कटौती
प्रोफेशनल टैक्स
यदि आप कम टैक्स का पेमेंट करना चाहते हैं, तो यहां कुछ कटौती हैं जिनका आप लाभ उठा सकते हैं
सेक्शन 80D: स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी प्रीमियम का पेमेंट करना
स्वयं, जीवनसाथी और आश्रित बच्चों के लिए (25,000 रुपये (60 वर्ष और उससे अधिक आयु होने पर 50,000 रुपये)
पेरेंट्स के लिए: 25000 रुपये (60 वर्ष और उससे अधिक आयु के लिए 50,000 रुपये)।
सेक्शन 80ई
8 साल के लिए किसी विशेष निर्धारिती की हाई एजुकेशन के लिए लोन के लिए पेमेंट किए गए "interest component" पर टैक्स कटौती।
सेक्शन80सी
निर्दिष्ट इन्वेस्ट और पेमेंट ऑप्शन जैसे ईएलएसएस, ईपीएफ, पीपीएफ, 5 साल के लिए फिक्स डिपॉजिट , सुकन्या समृद्धि योजना, अन्य।
सेक्शन 80डीडी
75,000 रुपये (विकलांगता 40% या अधिक लेकिन 80% से कम है) और 1,25,000 रुपये (गंभीर विकलांगता के मामलों में – 80% या अधिक) की सीमा तक कटौती की अनुमति देता है।
सेक्शन 80 जी
यह कुछ धर्मार्थ संस्थानों को किए गए दान पर दिया जाने वाला आयकर लाभ है- पात्र राशि का 50% या 100% (T&C)
होम लोन पेमेंट
नए घर पर 2 लाख रुपये तक की छूट का आनंद ले सकते हैं
प्रिंसिपल अमाउंट पर: 1.5 लाख रुपये तक धारा 80C के तहत
इंटरेस्ट अमाउंट पर: 2 लाख रुपये तक 24बी के तहत
जीवन बीमा पॉलिसी मैच्योरिटी
मैच्योरिटी पर कुछ शर्तों के तहत टैक्स से छूट दी जाएगी;
20%: 1 अप्रैल 2012 से पहले जारी की गई पॉलिसी
10%: 1 अप्रैल 2012 के बाद जारी की गई पॉलिसी
15%: विकलांगता या बीमारी वाले व्यक्ति के लिए 1 अप्रैल 2013 के बाद जारी की गई पॉलिसी ।



