नई पीढ़ी के साथ भाजपा का नया आगाज़, बदला प्रदेश कार्यकारिणी का अंदाज

रायपुर(realtimes) भाजपा के राष्ट्रीय संगठन ने प्रदेश में नई पीढ़ी के साथ नया आगाज किया है। भाजपा काे इस बात का अहसास हाे गया है कि अब राज्य में फिर से भाजपा की सरकार बनाने के लिए युवा ही सबसे बड़े हथियार साबित हाे सकते हैं। यही वजह है कि भाजपा की नई कार्यकारिणी में ज्यादा से ज्यादा युवाओं काे माैका दिया गया है।
प्रदेश के नए अध्यक्ष अरूण साव की टीम बहुत तेजी से बनी है। अध्यक्ष बनने के एक माह के अंदर ही नई कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया गया है। पिछली बार लंबा समय लग गया था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया गया है, क्याेंकि अब अगले साल हाेने वाले चुनाव में ज्यादा समय नहीं है। नई कार्यकारिणी में दमदारी से कई वरिष्ठों काे बाहर का रास्ता दिखाने काम किया गया है। टीम साव में जातिगत और क्षेत्रीय समीकरण का विशेष ख्याल रखा गया है।
25 नए चेहरे
भाजपा का राष्ट्रीय संगठन जिस तरह से बदलाव करने में लगा है, उससे पहले ही तय था कि टीम साव में कई नए चेहरे नजर आएंगे। ऐसा हुआ भी है। जब टीम का ऐलान किया गया तो इस टीम में नए चेहरे ज्यादा दिखे। 54 पदाधिकारियाें की कार्यकारिणी में जहां 25 चेहरे नए हैं, वहीं कई चेहरे ऐसे भी हैं जो पहले से कार्यकारिणी में थे, लेकिन इनका कद छोटा था उसे अहम जिम्मेदारी देकर बड़ा करने का प्रयास किया गया है।
युवाओं पर फाेकस
जिन युवाओं को पहली बार मौका दिया गया है, उनमें पहला नाम भाजयुमो के प्रदेशाध्यक्ष का है। अमित साहू के स्थान पर आदिवासी युवक रवि भगत को कमान सौंपी गई है। इसकी चर्चा पहले से ही चल रही थी कि भाजयुमो की कमान आदिवासी नेता को देनी है। इसी के साथ किसान मोर्चा में ओबीसी को मौका दिया गया है। मीडिया सेल का जिम्मा भी नए युवा को अमित चिमनानी को दिया गया है। वे इसके पहले भाजपा के प्रवक्ता रहे हैं। लेकिन पिछली कार्यकारिणी में वे नहीं थे। कार्यकारिणी में ओबीसी पर ज्यादा फोकस है। इसी के साथ हर वर्ग पर भी ध्यान दिया गया है।
कई दिग्गज बाउंड्री के बाहर
उपाध्यक्ष के पद से मोतीलाल साहू, लता उसेंडी और खूबचंद पारख की छुट्टी हुई है। नए उपाध्यक्ष के रूप में भूपेंद्र सवन्नी, मधुसूदन यादव और लक्ष्मी वर्मा के नाम जुड़े हैं। तीन महामंत्री नए बने हैं। एक तो नारायण सिंह चंदेल नेता प्रतिपक्ष बन गए, बाकी दो भूपेंद्र सवन्नी और किरण देव को दूसरे पद दे दिए गए। इसी तरह से प्रदेश के मंत्रियों में ओपी चौधरी और विजय शर्मा तो महामंत्री बन गए। इसी के साथ उषा टावरी और संध्या परगनिया को हटा दिया गया। एक मात्र पुराने प्रदेश मंत्री प्रबल प्रताप जूदेव को छोड़कर बाकी सात नए प्रदेश मंत्री बनाए गए हैं। कोषाध्यक्ष पद से गौरीशंकर अग्रवाल और कार्यालय प्रभारी से सुभाष राव और सहप्रभारी छगन मूंदड़ा काे भी हटाने में काेई संकाेच नहीं किया गया।



