मुस्कान और प्रेमी साहिल दोषी करार,

मेरठ। मेरठ के बहुचर्चित और चर्चित ‘ब्लू ड्रम हत्याकांड’ में जिला जज की अदालत ने मृतक सौरभ राजपूत की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को हत्या का दोषी ठहरा दिया है। अदालत ने दोनों को भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत सौरभ की हत्या करने और साक्ष्य छिपाने का दोषी माना है। हालांकि, कोर्ट ने अभी सजा का ऐलान नहीं किया है। दोषसिद्धि के बाद अब दोनों आरोपियों की सजा के बिंदु पर सुनवाई होना बाकी है।
मामले की जानकारी देते हुए अभियोजन पक्ष के वकील के.के. चौबे ने बताया कि अदालत ने अभियोजन द्वारा पेश किए गए सभी सबूतों और गवाहों को पर्याप्त और ठोस माना है। कोर्ट रूम में फैसले के वक्त जज ने दोनों आरोपियों से सीधे कहा, “आप दोषसिद्ध किए जाते हैं और इस अपराध के दोषी हैं।”
‘हमे कुछ नहीं कहना’ – कोर्ट में शांत रहे दोनों आरोपी
सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रक्रिया के तहत मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल से पूछा कि क्या वे अपनी सजा या बचाव के संबंध में कुछ कहना चाहते हैं। अदालत ने विशेष रूप से मुस्कान से भी पूछा कि क्या वह अपने बारे में कोई बात रखना चाहती है।
वकील के.के. चौबे के अनुसार, दोनों आरोपी मानसिक रूप से पूरी तरह परिपक्व हैं और वे इस बात के लिए तैयार थे कि उन्होंने अपराध किया है, इसलिए उन्हें सजा मिलेगी। इसी वजह से दोनों ने अदालत के सामने साफ कह दिया कि उन्हें अपने बचाव में कुछ नहीं कहना है।
ऐसे अपराध समाज के ताने-बाने को तोड़ते हैं: कोर्ट
अदालत ने इस जघन्य हत्याकांड पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि इस तरह के अपराध सीधे तौर पर समाज को प्रभावित करते हैं और गलत संदेश देते हैं। कोर्ट ने कहा कि पति-पत्नी के पवित्र रिश्तों को प्रभावित करने वाले ऐसे अपराधों से सामाजिक ताना-बाना बिखरता है।
अपने आदेश में अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के कई पुराने फैसलों का हवाला दिया। कोर्ट ने रेखांकित किया कि समाज में कानून का डर और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए इस तरह के गंभीर अपराधों में पर्याप्त और सख्त सजा दिया जाना बेहद जरूरी है।
सजा पर 15 दिन बाद होगी सुनवाई, अधिकतम सजा की मांग
अदालत ने सजा के निर्धारण के लिए करीब 15 दिन बाद की तारीख देने की बात कही है। निर्धारित तारीख पर दोनों दोषियों को सजा के बिंदु पर सुना जाएगा और उनके पक्ष को जानने के बाद ही अंतिम सजा तय की जाएगी।
अभियोजन पक्ष ने स्पष्ट किया है कि वे अदालत से दोनों दोषियों के लिए कानून के तहत मिलने वाली अधिकतम सजा की मांग करेंगे। अब करीब दो हफ्ते बाद यह साफ होगा कि कोर्ट मुस्कान और साहिल को क्या सजा सुनाता है।



