देश भर में काेयले पर हाहाकार, दिल्ली में स्टील उद्योगों से समाधान पर मंथन करने केंद्र सरकार तैयार

रायपुर(realtimes) देश भर के स्टील उद्याेगाें में काेयले काे लेकर हाहाकार मचा हुआ है। काेल इंडिया से एक ताे कम काेयला मिल रहा है, वहीं जिनका लिंकेज समाप्त हाे गया है, उनके साथ वापस अनुबंध ही नहीं किया जा रहा है। ऐसे में केंद्रीय स्टील सचिव संजय सिंह ने छत्तीसगढ़ स्पंज आयरन एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल को दिल्ली में आश्वासन दिया है कि 15 दिनों के अंदर देश भर के स्टील उद्योगों की बैठक करके कोयला संकट का समाधान निकाला जाएगा। इस बैठक में केंद्रीय कोल सचिव, कोल इंडिया के चेयरमैन भी शामिल होंगे। इस आश्वासन के बाद 15 अगस्त को एसईसीएल के बिलासपुर दफ्तर का घेराव अभी 30 अगस्त तक टाल दिया गया है।
कोयले को लेकर देश भर के नॉन पॉवर सेक्टर में हाहाकार मचा हुआ है। प्रदेश के स्पंज आयरन उद्योगों को भी कोल इंडिया के एसईसीएल से कोयला मिलता है। इनका पांच साल का लिंकेज समाप्त हो गया है। ऐसे में इनको इस साल से कोयला मिलना बंद हो गया है। इसको लेकर भारी संकट की स्थिति है। अगर कोल इंडिया से कोयला नहीं मिला तो उद्योगों में ताले लग जाएंगे।
स्टील सचिव से मिला समाधान का आश्वासन
छत्तीसगढ़ स्पंज आयरन एसोसिएशन लिंकेज का नवीनीकरण कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। पहले कोलकाता में कोल इंडिया के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल से मुलाकात की तो उन्होंने हाथ खड़े कर दिए और साफ कहा, केंद्र सरकार की अनुमति के बिना कुछ भी होना संभव नहीं है। ऐसे में गुरुवार को एसाेसिएशन के प्रतिनिधि मंडल जिसमें अध्यक्ष अनिल नचरानी, विजय झंवर और मनीष मंडल शामिल थे, केंद्रीय स्टील सचिव संजय सिंह से मुलाकात करके उनको अपनी समस्या बताई। श्री नचरानी ने बताया, स्टील सचिव ने बताया देश भर के उद्योगों से पत्र आ रहे हैं। उन्होंने बताया 15 दिनों में बैठक करके इसका समाधान निकाला जाएगा। श्री सिंह के सामने लिंकेज का नवीनीकरण करने की मांग रखी गई। श्री नचरानी ने बताया, 6 अगस्त को विडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से एक बैठक केंद्रीय स्टील मंत्रालय की है, इसके बाद 8 अगस्त को भी एक बैठक इस्पात मंत्रालय की कोयला संकट को लेकर हो रही है। इन दोनों बैठकों में श्री नचरानी भी शामिल होंगे।
दिखाया मुख्यमंत्री का पत्र
प्रदेश के उद्योगों को कोयला देने की मांग करते हुए एक पत्र प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोयला मंत्री को लिखा है। इस पत्र को भी स्टील सचिव को दिखाया गया और बताया गया कि हमारे राज्य के मुख्यमंत्री भी उद्योगों के संकट को लेकर चितिंत हैं औ्र वे भी चाहते हैं कि केंद्र सरकार इसका समाधान करे।



