सरकारी शराब दुकानें बेहाल, कोचिये हाे रहे हैं मालामाल - realtimes
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सरकारी शराब दुकानें बेहाल, कोचिये हाे रहे हैं मालामाल

रायपुर(realtimes) ईडी के छापाें के बाद राजधानी रायपुर के साथ प्रदेश भर की सरकारी शराब दुकानों का हाल बेहाल हाे गया है। इसका बड़ा फायदा उठाकर कोचिये मालामाल हाे रहे हैं। हालांकि ईडी के छापे से पहले पिछले ढाई माह से सरारी दुकानाें में ब्रांडेड शराब गायब है। कुछ स्थानों पर अभी सप्लाई प्रारंभ की गई है, लेकिन सप्लाई सिस्टम पूरी तरह से ध्वस्त है, मनमर्जी से कहीं कुछ ब्रांड दिए जा रहे हैं तो कहीं कुछ ब्रांड ज्यादातर दुकानों में ब्रांड अब भी गायब हैं। इधर कोचिये दूसरे राज्यों से अवैध शराब लाकर ज्यादा दाम पर बेच रहे हैं। आबकारी विभाग का अमला इन पर कार्रवाई भी नहीं कर रहा है।
शराब दुकानों में मार्च के अंत के बाद से ही ब्रांडेड शराब गायब हो गई है। पहले कहा गया नया रेट कांट्रैक्ट होने पर सप्लाई सामान्य हो जाएगी। लेकिन नया रेट कांट्रैक्ट होने से पहले ही ईडी के छापों से हड़कंप मच गया। ईडी ने कई लोगों को गिरफ्तार किया तो ब्रांडेड शराब पूरी तरह से गायब हो गई। आलम यह है कि पिछले ढाई माह से प्रदेश के ज्यादातर दुकानों में ब्रांडेड शराब नहीं है।
सरकारी दुकानाें में ब्रांड गायब

राजधानी रायपुर की ज्यादा दुकानों में रॉयल स्टैग, एसी ब्लैक, राॅयल चैलेंज, नंबर वन, ब्लेंडर प्राइड, आरएस बैरल, आफ्टर डार्क सहित ऐसे ब्रांड गायब हैं जो मिडिल रेंज के हैं। इनकी कीमत हजार रुपए के अंदर हैं। दुकानों में ज्यादा कीमत के ब्रांड हैं, लेकिन वो भी काफी कम हैं। मिडिल रेंज में कुछ दुकानों में ऐसे-ऐसे ब्रांड हैं जिनका नाम तक लोग नहीं जानते हैं, पिस्टल, डिस्कवरी और न जाने कितने नामों की शराब है। लेकिन मजबूरी में ये ब्रांड लिए जा रहे हैं। इधर आबकारी विभाग के अधिकारी ब्रांड सप्लाई होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन कुछ दुकानों में कुछ ब्रांड हैं। जैसे पचपेड़ी नाका की प्रीमियम शॉप में नंबर वन है। इसी के साथ यहां पर बियर में हायवर्ड्स 5000 मिल रही है। लेकिन लाखेनगर सहित शहर की कई दुकानों में न नंबर वन है और न ही हायवर्ड्स 5000 बियर है।

दूसरे राज्याें से आ रही अवैध शराब
राजधानी रायपुर से लेकर प्रदेश के हर जिले में दूसरे राज्यों की अवैध खराब बिक रही है। जानकारों का कहना है, पूरे बस्तर में पडोसी राज्य ओडिशा और तेलंगाना से अवैध शराब आ रही है। इसी तरह से दुर्ग संभाग में मप्र और महाराष्ट्र से शराब आ रही है। सरगुजा संभाग में बिहार, झारखंड और अन्य राज्यों से शराब आ रही है। राजधानी रायपुर में भी दूसरे राज्यों की शराब कोचिये मनमाने दाम पर बेच रहे हैं। जो शराब दुकानों में नौ सौ रुपए से कम में मिलती है, उसको कोचिये 11 से 12 सौ तक बेच रहे हैं।
खुले आम बिक रही अवैध शराब
कोचियों को मालूम है कि शराब दुकानों में ब्रांड नहीं हैं, इसका फायदा उठाकर कोचियों का शराब दुकानों के आस-पास ही जमावड़ा रहता है। वहां पर दुकानों से निराश होकर लौटने वालों को कोचिये पकड़ कर उनकी पसंद का ब्रांड ज्यादा दाम पर दे रहे हैं। ब्रांड के शौकीन कुछ ज्यादा दाम देकर मजबूरी में ब्रांड ले रहे हैं। राजधानी के आउटर की ज्यादातर दुकानों में यही हो रहा है। जानकारों का दावा है दोंदे खुर्द सहित आउटर के कुछ स्थानों में सड़क के किनारे ही कोचिये अपनी दुकान संजाकर खुले आम अवैध शराब बेच रहे हैं।

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