
उपेंद्र कुशवाहा ने भी उठाया था सवाल
इससे पहले जेडीयू संसदीय दल के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा था, ” माननीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी, सेना की बहाली में जाति प्रमाण पत्र की क्या जरूरत है, जब इसमें आरक्षण का कोई प्रावधान ही नहीं है।
वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल ने भी उठाया सवाल
इस बारे में वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल ने ट्विटर पर लिखा था, “सरकार सैनिकों की जाति क्यों जानना चाहती है? क्या अग्निवीर में SC, ST, OBC को 50% रिज़र्वेशन देना है? या सरकार इन सर्टिफिकेट का इस्तेमाल 25% को पर्मानेंट करते समय करेगी? मकसद क्या है, जब कोटा है नहीं?” उन्होंने पीएम मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से इस मामले पर स्पष्टीकरण मांगा है।
उन्होंने दूसरे ट्वीट में लिखा था, “जाति जनगणना न कराने वाली सरकार सेना में भर्ती के लिए पहली बार जाति का सर्टिफिकेट मांग रही है। इसका इस्तेमाल 75% को छांटने में हो सकता है। अगर ये मकसद नहीं है तो सरकार बताए कि जब आर्मी भर्ती में आरक्षण नहीं है तो उसे कैंडिडेट की जाति क्यों जाननी है? मेट्रिमोनियल सर्विस है क्या?”



