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जी-20 शिखर सम्मेलन में होगा शीर्ष राष्ट्राध्यक्षों का आगमन

पिछले दो वर्षों के ठहराव और ऑनलाईन सम्मेलनों के बाद एक बार फिर से वैश्विक नेताओं का रूबरू मिलने-जुलने और चर्चा करने का दौर शुरू हो चुका है। अब विश्व के सभी बड़े राष्ट्राध्यक्ष और नेतागण विदेशों की यात्राएं कर रहे हैं और दुनिया से जुड़े जरूरी मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए दूसरे देशों के राष्ट्रध्यक्षों से मिलने के लिए सम्मेलनों में हिस्सा भी ले रहे हैं। इसी क्रम में पर्यटकों के लिए प्रसिद्ध माने जाने वाले इंडोनेशिया के खूबसूरत शहर बाली में 15 से 16 नवंबर के बीच जी-20 देशों का 17वां सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है। इस वर्ष की खास बात ये है कि समूह के सभी सम्मानित अतिथिगण स्वयं बाली पहुंच रहे हैं।

दुनिया भर में मौजूद कई समूहों में जी-20 समूह को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। इसमें दुनिया के सभी महाद्वीपों से प्रमुख देशों का प्रतिनिधित्व भी है। इस वर्ष यूरोपियन यूनियन समेत कुल 30 देश इस उच्चस्तरीय बैठक में हिस्सा ले रहे हैं। दक्षिण अमेरिकी महाद्वीप से तीन देश अर्जेंटीना, ब्राज़ील और मैक्सिको हैं तो एशिया महाद्वीप से छह देश भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया और सऊदी अरब शामिल हैं। उत्तरी अमेरिकी महाद्वीप से संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा शामिल हैं तो अफ्रीकी महाद्वीप से दक्षिण अफ्रीका इस समूह में शामिल हैं। वहीं एशिया प्रशांत से ऑस्ट्रेलिया तो यूरोप महाद्वीप से यूनाईटेड किंग्डम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, तुर्किये, रूस और यूरोपियन यूनियन सदस्य देशों के रुप में शामिल हैं। इसके अलावा जी-20 समूह द्वारा स्पेन को स्थाई आमंत्रित देश के रुप में हर वर्ष बुलाया जाता है जबकि इस वर्ष आमंत्रित अतिथि देशों में आसियान देशों के प्रतिनिधि के रुप में कंबोडिया, अफ्रीकी यूनियन की ओर से सेनेगल, कैरेबियाई देशों की ओर से सूरीनाम के अलावा यूक्रेन, संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, फिजी, नीदरलैंड, और रवांडा भी शामिल होंगे। दिसबंर 2021 में इंडोनेशिया ने जी-20 समूह की अध्यक्षता का कार्यभार संभाला था। 15 और 16 नवंबर को होने जा रहे शिखर सम्मेलन से पूर्व इस साल सदस्य देशों के कई मंत्रीगणों के बीच बैठकों का दौर चल रहा है। इसमें वित्तमंत्री और केन्द्रीय बैंकों के गर्वनरों की बैठक, श्रम और रोजगार मंत्रियों की बैठक, विदेश मंत्रियों की बैठक, संबंधित देशों के बिज़नेस लीडर्स की बैठक, श्रम यूनियनों की बैठकों के अलावा सिविल सोयायटी, महिला संगठनों, युवा लीडर्स और थिंक टैंक्स की बैठकें भी आयोजित की जा चुकी हैं।

आज से 23 वर्ष पहले 1999 में बने जी-20 समूह के राष्ट्राध्यक्षों और प्रधानमंत्रियों वाले शिखर सम्मेलनों की शुरुआत वर्ष 2008 में हुई थी और तब से लगातार कोई ना कोई सदस्य देश इस अहम सम्मेलन की मेजबानी करता आ रहा है। शुरुआती कुछ वर्षों में इस समूह की बैठक एक वर्ष में दो बार हुई थी लेकिन वर्ष 2011 के बाद से लगातार साल में एक बार ये महत्वपूर्ण देश जी-20 शिखर सम्मेलन में वैश्विक अहमियत वाले महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने के लिए बैठक आयोजित करते आ रहे हैं। अगले वर्ष 2023 में जी-20 समूह की 18 वीं बैठक की मेजबानी पहली बार भारत की राजधानी नई दिल्ली द्वारा की जाएगी।(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

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