मुर्मू काे कांग्रेस से समर्थन दिलाने काे लेकर सियासी घमासान

रायपुर(realtimes) एनडीए की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू काे कांग्रेस से समर्थन दिलाने काे लेकर राज्य में सियासी घमासान हाे गया है। एक दिन पहले रायपुर आने पर द्रौपदी मुर्मू काे कांग्रेस से समर्थन दिलाने के लिए नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने द्रौपदी मुर्मू से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से बात कराने के लिए सीएम हाउस का फाेन खटखटाया. लेकिन बात नहीं हाे सकी। लैंड लाइन पर दो बार पहले सुबह 11.03 बजे और फिर दोपहर को 12.38 बजे फोन किया गया। इस मामले में मुख्यमंत्री के संसदीय सलाहकार राजेश तिवारी का कहना है, भाजपा को फोन करना ही नहीं चाहिए। जब संवैधानिक चुनाव को राजनीतिक बना दिया गया है और जाति से जोड़ दिया गया है तो फिर किस अधिकार से फोन कर रहे हैं।
द्रौपदी मुर्मू के लिए कांग्रेस से समर्थन जुटाने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने जहां मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से बात कराने का जिम्मा नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक को सौंपा था, वहीं प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदेव साय को पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम से बात करने का जिममा दिया गया था। ऐसे में शुक्रवार को जब श्रीमती मुर्मू का रायपुर आगमन हुआ तो श्री कौशिक ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से श्रीमती मुर्मू की बात कराने के लिए उनके सामने ही दो मुख्यमंत्री को फोन लगाया। श्री कौशिक का कहना है, जब दो बार मुख्यमंत्री निवास फोन किया गया तो वहां से बताया गया, मुख्यमंत्री बैठक में हैं, वे जैसे ही फ्री होंगे बात कराएंगे। श्री कौशिक का कहना है, हम लोग इंतजार करते रहे, लेकिन सीएम हाउस से वापस फोन नहीं आया।
संवैधानिक चुनाव को बनाया राजनीतिक
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के संसदीय सलाहकार राजेश तिवारी का कहना है, धरमलाल कौशिक को तो फोन ही नहीं करना चाहिए। वे आखिर किस अधिकार से फोन कर रहे हैं। श्री तिवारी ने कहा, भाजपा ने तो राष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पद के चुनाव को राजनीतिक चुनाव बना दिया है। देश भर में जाति के नाम पर हल्ला मचाया जा रहा है। श्री तिवारी ने कहा, इसके पहले कभी देश में राष्ट्रपति चुनाव काे किसी जाति से नहीं जोड़ा गया था। उन्होंने कहा, पहले तो श्रीमती मुर्मू को मेरे द्वारा पूछे गए दस सवालों के जवाब देने चाहिए, जो नहीं दिए गए हैं।
विष्णु से मरकाम बोले-समर्थन संभव नहीं
विष्णुदेव साय ने बताया, उनको पीसीसी अध्यक्ष से बात करने का जिम्मा मिला था, उन्होंने श्री मरकाम से बात की तो उन्होंने कहा, हमारा आशीर्वाद तो है, लेकिन हम सब पार्टी की गाइड लाइन से बंधे हैं, इसलिए समर्थन देना किसी भी हाल में संभव नहीं है।



