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Renewable-Energy-Exhibition : नवीकरणीय ऊर्ज़ा प्रदर्शनी में हरित ऊर्ज़ा उपकरणों के विनिर्माण, निर्यात को बढ़ावा देने पर होगा जोर

नई दिल्ली : इस महीने होने वाली नवीकरणीय ऊर्ज़ा प्रदर्शनी में हरित ऊर्ज़ा उपकरणों के विनिर्माण और निर्यात को बढ़ावा देने पर विशेष जोर होगा। साथ ही देश में स्वच्छ ऊर्ज़ा के क्षेत्र में स्थिति, अवसर और चुनौतियों के बारे में श्वेत पत्र भी जारी किया जाएगा।

प्रदर्शनी का आयोजन कर रही इंफॉर्मा मार्केट्स इन इंडिया ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। नवीकरणीय ऊर्ज़ा के क्षेत्र में एशिया के सबसे बड़े 15वें क्रिस्टल संस्करण 'रिन्यूएबल एनर्जी इंडिया एक्सपो-2022 दिल्ली के समीप उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में इंडिया एक्सपो मार्ट में 28 से 3० सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है।

इस बारे में इंफॉर्मा मार्केट्स के प्रबंध निदेशक योगेश मुद्रा ने संवाददाताओं से कहा, ''प्रदर्शनी का मुख्य मकसद 'मेक इन इंडिया अभियान के तहत देश में नवीकरणीय ऊर्ज़ा उपकरणों के विनिर्माण को बढ़ावा देने के साथ देश को इनके निर्यात का प्रमुख स्रोत बनाना है। उन्होंने कहा, ''हम प्रदर्शनी के दौरान नवीकरणीय ऊर्ज़ा क्षेत्र पर एक श्वेत पत्र भी जारी करेंगे। हम क्षेत्र के लिये बेहतर नीति को लेकर इसे केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ विभिन्न संबंधित पक्षों के साथ साझा करेंगे।

भारत ने 2030 तक 5,00,000मेगावॉट नवीकरणीय ऊर्ज़ा क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। इस लिहाज से यह प्रदर्शनी और इसमें जारी होने वाला श्वेत पत्र महत्वपूर्ण है। मुद्रा ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्ज़ा पर इस प्रदर्शनी में जर्मनी, अमेरिका, कनाडा, बेल्जियम समेत 15 देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसमें क्लीनटेक सोलर, अडाणी सोलर, विक्रम सोलर, हुवावेई, सात्विक, हैवेल्स, वारी, प्रीमियर एनर्जी, सनग्रो और गोल्डी सोलर जैसी 450 से 500 कंपनियों के शामिल होने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में नवीकरणीय ऊर्ज़ा क्षेत्र में 13 अरब डॉलर का निवेश अनुमानित है। इस लिहाज से 2030 तक बड़ी मात्रा में क्षमता वृद्धि की संभावना को देखते हुए श्वेत पत्र जरूरी है। प्रदर्शनी में नये उत्पादों को प्रदर्शित करने के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम भी तैयार किए जा रहे हैं। प्रदर्शनी में बर्लिन के स्टाइनबीस विश्वविद्यालय हरित हाइड्रोजन से संबंधित दो दिन की प्रशिक्षण कार्यशाला का भी आयोजन करेगा। इस मौके पर कनाडा उच्चायोग में प्रथम सचिव एवं व्यापार आयुक्त जेनिफर के, बेल्जियम दूतावास के व्यापार एवं निवेश आयुक्त बाबेट डेसफोसेज, क्लीनटेक सोलर के प्रमुख डॉ अनुव्रत जोशी समेत अन्य लोग मौजूद थे।

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