मई की बिजली में महंगाई का झटका, जून के बिल में लगेगा दस फीसदी का फटका

रायपुर(realtimes) अब हर माह बिजली की कीमत तय हाेने के कारण इस बार मई की बिजली में महंगाई का बड़ा झटका लगा है। प्रदेश भर के 61 लाख से ज्यादा बिजली उपभोक्ताओं को मई की बिजली 37 पैसे से लेकर 53 पैसे तक प्रति यूनिट महंगी पड़ेगी। छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनी ने एफपीपीएएस के नए फार्मूले में मई माह के लिए दस फीसदी शुल्क तय किया है। ऐसा होने से अब जुलाई में जो जून का बिल आएगा उसमें मई की महंगी बिजली का शुल्क वसूला जाएगा। एफपीपीएएस का नया फार्मूला अप्रैल से लागू किया गया है। पहले माह 5.3 प्रतिशत शुल्क लगा था, लेकिन दूसरे माह में शुल्क डबल हो गया है। नए फार्मूले के कारण अब हर माह बिजली की कीमत बदलेगी।
प्रदेश में अब तक बिजली उपभोक्ताओं से वीसीए के रूप में बिजली की कीमत बढ़ने से अंतर की राशि वसूली जाती थी, लेकिन इसको केंद्र सरकार ने नए सत्र अप्रैल से बंद कर दिया है। इसके स्थान पर केंद्रीय सरकार के निर्देश पर छत्तीसगढ़ राज्य बिजली नियामक आयोग ने अब उत्पादन लागत के अंतर की राशि को उपभोक्ताओं से वसूलने के लिए नया फार्मूला फ्यूल पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीपीएएस) लागू कर दिया है।
ऐसा है नया फार्मूला
नए फार्मूले के हिसाब से ऊर्जा प्रभार में प्रतिशत के हिसाब से शुल्क लिया जाएगा। ऐसे में दूसरे माह मई के लिए जो शुल्क तय किया गया है, वह दस फीसदी से ज्यादा है, लेकिन पांच फीसदी से ज्यादा शुल्क होने पर 95 फीसदी शुल्क ही लेने का प्रावधान तय किया गया है। ऐसे में मई माह में दस प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा। यह शुल्क जहां वीसीए से कम होगा, वहीं अलग-अलग खपत पर भी अलग-अलग होगा। घरेलू उपभोक्ताओं को चार सौ यूनिट तक एफपीपीएएस के शुल्क में वीसीए की तरह ही लाभ मिलेगा और आधे पैसे लगेंगे।
कितनी खपत पर कितना पैसा पड़ेगा देना
नए फार्मूले में बड़ा फायदा यह होगा कि इसमें वीसीए की तरह हर यूनिट पर एक ही तय शुल्क नहीं लगेगा। पिछले साल वीसीए 1.10 रुपए हो गया था। ऐसे में सबको 1.10 रुपए लग रहे थे। नए फार्मूले में पहले सौ यूनिट का ऊर्जा प्रभार 370 रुपए है, तो इस पर दस फीसदी के हिसाब से 37 रुपए लगेंगे, यानी एक यूनिट पर 37 पैसे। दो सौ यूनिट का ऊर्जा प्रभार 760 रुपए होता है। इस पर 76 रुपए रुपए लगेंगे यानी 38 पैसे प्रति यूनिट पर लगेंगे। तीन सौ यूनिट का ऊर्जा प्रभार 1290 रुपए है। इस पर 129 रुपए लगेंगे यानी करीब 43 पैसे प्रति यूनिट। चार सौ यूनिट का ऊर्जा प्रभार 1720 रुपए है, इस पर 172 रुपए लगेंगे। इसमें भी 43 पैसे यूनिट लगेंगे। छह सौ यूनिट की खपत का ऊर्जा प्रभार 2980 रुपए होता है। इस पर 298 रुपए लगेंगे। इतनी खपत पर 50 पैसे प्रति यूनिट से कुछ कम लगेंगे। छह सौ यूनिट से ज्यादा की खपत पर यानी सात सौ यूनिट पर ऊर्जा प्रभार 3710 रुपए होता है। इस पर 371 रुपए लगेंगे। यानी 53 पैसे प्रति यूनिट। इससे ज्यादा खपत पर और ज्यादा पैसे लगेंगे।



