Manipur Violence: कांग्रेस नेताओं द्वारा राष्ट्रपति के सामक्ष रखी गईं 12 मांगें, कहा- 'उच्चस्तरीय जांच आयोग का गठन करें' - realtimes
मौसम डेटा स्रोत: रायपुर मौसम
national

Manipur Violence: कांग्रेस नेताओं द्वारा राष्ट्रपति के सामक्ष रखी गईं 12 मांगें, कहा- ‘उच्चस्तरीय जांच आयोग का गठन करें’

Manipur Violence: मणिपुर में हिंसा की स्थिति बहुत खराब हो गई है और सरकार शांति स्थापित करने के लिए कई प्रयास कर रहे हैं। लेकिन, दुख की बात यह है कि कुछ स्थानों पर हिंसा की घटनाएं हो रही हैं। इस हिंसा में कई लोगों की मौत हो चुकी है। सरकार ने आज पीड़ित परिवारों के दुख को कम करने के लिए मुआवजे का एलान किया है। वहीं, कांग्रेस के नेता एक समिति ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करके एक उच्च स्तरीय जांच आयोग की मांग की है।

मंगलवार को मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस के अध्यक्ष, एक पार्टी नेताओं की टीम के साथ नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में पहुंचे। वहां, उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। यहां पर उन्होंने मणिपुर की बिगड़ती हालत को संभालने के लिए राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि हमने सुप्रीम कोर्ट के एक सेवारत न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय जांच आयोग की गठन की मांग की है, जिसमें 12 मांगें हैं।

10 लाख मुआवजे की घोषणा 

वहीं, अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि केंद्र और मणिपुर राज्य सरकार ने मणिपुर में जातीय संघर्ष के दौरान मरने वालों के परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। साथ ही, दंगे में मरने वालों के परिवार के एक सदस्य को भी नौकरी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मुआवजे की राशि केंद्र और राज्य सरकार समान रूप से वहन करेंगी।

वहीं, अधिकारियों ने बताया कि अफवाहों की वजह से राज्य में लगातार हिंसा बढ़ी है। जब भी शांति का माहौल बनता है तो कोई न कोई गलत जानकारी देकर अशांति फैला देता है। लेकिन अब अफवाह फैलाने वालों पर सख्त शिकंजा कसने के लिए एक नंबर भी जारी करने का फैसला लिया है।

बता दें, सोमवार देर रात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के बीच हुई बैठक में मुआवजे देने का फैसला लिया गया है। शाह की बैठक में यह भी सुनिश्चित करने का फैसला किया गया कि कीमतें कम करने के लिए पेट्रोल, एलपीजी गैस, चावल और अन्य खाद्य उत्पादों जैसी आवश्यक वस्तुओं को बड़ी मात्रा में उपलब्ध कराया जाएगा। सोमवार रात इंफाल पहुंचे गृह मंत्री के साथ गृह सचिव अजय कुमार भल्ला और आईबी निदेशक तपन कुमार डेका भी मौजूद रहे।

अमित शाह मंगलवार को मेइती और कुकी दोनों समुदायों के राजनीतिक और नागरिक समाज के नेताओं के साथ कई बैठकें करेंगे और इस महीने की शुरुआत में सबसे खराब दंगों के स्थल चुराचांदपुर का दौरा करेंगे।

Related Articles

Back to top button