Lok Sabha Election 2024: एकता से पहले ही विपक्ष में फूट! कांग्रेस के बाद RJD ने AAP को दिखाए तेवर

Lok Sabha Election 2024: पटना में विपक्ष की बैठक को चार दिन भी नहीं बीते कि गठबंधन में दरार आने लगी है। खासकर अरविंद केजरीवाल के रवैये को लेकर लालू प्रसाद की पार्टी आरजेडी नाराज दिख रही है। विपक्षी एकता की गांठें धीरे-धीरे ढीली पड़ने लगी हैं। पटना में शुक्रवार को हुई विपक्षी दलों की बैठक से दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल के निकलने को लेकर आरजेडी के उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने बड़ा बयान दिया है। वहीं, विपक्ष की इस बैठक पर भाजपा भी लगातार चुटकी ले रही है। राज्यसभा सांसद हरनाथ सिंह ने तो विपक्ष की तुलना चूहों से कर दी है। हरनाथ सिंह का कहना है कि 100 चूहे मिलकर एक शेर को पराजित नहीं कर सकते। कर्नाटक की जीत तो छोटी-मोटी जीत है।
विपक्षी एकता में पहले ही दरार!
गठबंधन से पहले विपक्षी दलों के बीच में असहमति दिखाई दे रही है। आरजेडी के शिवानंद तिवारी ने केजरीवाल पर आरोप लगाकर उन्हें तानाशाह और लोकतंत्र के खिलाफ बताया है। हालांकि, तेजस्वी यादव ने स्थिति को नियंत्रित किया है। तेजस्वी ने कहा कि विपक्षी दलों के बीच सब ठीक है। विपक्षी दलों की बैठक के संदर्भ में अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पर हमला किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ही भ्रष्टाचार की जननी है। बाकी सभी दल चुप्पी में हैं।
विपक्ष की बैठक पर बीजेपी ने किया सीधा वार
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्षी एकता पर चुटकी लेते हुए कहा कि जुगनू ने शराब पी ली है और अब सूरज को भी यह गाली देंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष बेबुनियाद आरोप लगाता है। वे कहते हैं कि लोकतंत्र खतरे में है। विपक्ष जनता की आंखों में धूल झोंक रहा है। राजनाथ सिंह चंडीगढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं।
राजनाथ सिंह ने ली चुटकी
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्षी एकता पर चुटकी लेते हुए कहा कि जुगनू ने शराब पी ली है और अब सूरज को भी यह गाली देंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष अमानवीय आरोप लगाता है। वे कहते हैं कि लोकतंत्र खतरे में है। विपक्ष जनता के सामने झूल रहा है। राजनाथ सिंह चंडीगढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं।
नीतीश कुमार पर फंसा पेंच
वहीं, विपक्षी दलों की एकता के प्रयासों के बारे में बात करते हुए केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि हमें देश को बताना चाहिए कि उनका नेता कौन होगा और यह ‘ठगबंधन’ एक विचार के तरह समाप्त हो जाएगा। वे एक मंच पर हो सकते हैं, लेकिन उनके दिल नहीं मिल सकते। उन्होंने दावा किया कि इन दलों ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को संयोजक के रूप में स्वीकार नहीं किया है।



