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Kerala Government ने एसोसिएट प्रोफ़ेसर के तौर पर प्रिया वर्गीज की नियुक्ति का बचाव किया

तिरुवनंतपुरम : केरल सरकार ने पूर्व राज्यसभा सदस्य के के रागेश की पत्नी प्रिया वर्गीज को कन्नूर विश्वविद्यालय में मलयालम (भाषा) की एसोसिएट प्रोफ़ेसर नियुक्त करने के विश्वविद्यालय के कदम का बुधवार को विधानसभा में बचाव किया जबकि कांग्रेसनीत विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने दावा किया कि विश्वविद्यालयों के कुलपति सत्तारूढ़ वाम प्रशासन की कठपुतली बन गये हैं।

राज्य की उच्च शिक्षा मंत्री आर बिदु ने सदन में कहा कि केवल उन्हीं उम्मीदवारों को कन्नूर विश्वविद्यालय ने साक्षात्कार के लिए बुलाया था जिनके पास न्यूनतम अकादमिक अंक अर्हता एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्बारा निर्धारित मूल योग्यता थी। मंत्री ने दावा किया कि उसके बाद आयोग के नियमानुसार गठित एक चयन समिति ने उन सभी का साक्षात्कार लिया तथा इस तरह, नियुक्ति प्रक्रिया में कोई अनियमितता नहीं हुई। वह राज्य के विश्वविद्यालयों में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेताओं के रिश्तेदारों की कथित रूप से अवैध एवं पिछले दरवाजे से नियुक्ति पर चर्चा के लिए विपक्ष के कार्य स्थगन प्रस्ताव पर जवाब दे रही थीं।

विपक्ष ने आरोप लगाया कि वर्गीज समेत कई अभ्यर्थी पदों के लिए पात्र नहीं थे और उन्हें राजनीतिक दखलअंदाजी के चलते नियुक्त या चयनित किया गया। विपक्ष के आरोपों पर बिदु के जवाब के बाद विधानसभा अध्यक्ष एम बी राजेश ने व्यवस्था दी कि विपक्ष के कार्य स्थगन प्रस्ताव को खारिज किया जाता है। उसके बाद विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने आरोप लगाया कि ऐसी अवैध नियुक्तियों के लिए सरकार ऐसे लोगों को कुलपति नियुक्त कर रही है जो उसकी कठपुतली हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में विश्वविद्यालयों का काफी हद तक राजनीतिकरण कर दिया गया है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने विपक्ष के नेता के दावे पर सवाल उठाया और कहा कि केरल, महात्मा गांधी, कालीकट, कोच्चि और कन्नूर विश्वविद्यालों के कुलपति उच्चशिक्षित शिक्षाविद हैं।

सतीशन ने कहा कि उन्होंने कुलपतियों को कठपुतली इसलिए कहा है क्योंकि वे यूजीसी के नियमों का उल्लंघन कर लोगों को अध्यापकों के पदों पर नियुक्त कर रहे हैं जिससे यदि पात्र उम्मीदवार को दरकिनार किया जाता है तो उससे युवाओं में असंतोष पैदा हो सकता है। बाद में विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन किया। केरल उच्च न्यायालय ने कन्नूर विश्वविद्यालय में मलयालम की एसोसिएट प्रोफ़ेसर के तौर पर वर्गीज की नियुक्ति पर 22 अगस्त को स्थगन लगा दिया था।

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