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INDIA गठबंधन की रैली: लोकतंत्र बचाओ का नारा

दिल्ली: दिल्ली के रामलीला मैदान में आज ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (INDIA) गठबंधन की ‘लोकतंत्र बचाओ’ रैली आयोजित की गई। इस रैली को लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी गठबंधन की शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। रैली में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, लालू यादव, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, उद्धव ठाकरे, एमके स्टालिन, फारूख अब्दुल्ला समेत करीब 28 नेता मंच पर मौजूद थे।
पांच मांगें:
- निष्पक्ष चुनाव: चुनाव आयोग को लोकसभा चुनाव में समान अवसर सुनिश्चित करने चाहिए।
- CBI, ED, IT का दुरुपयोग बंद: चुनाव आयोग को चुनाव में हेराफेरी करने के उद्देश्य से विपक्षी राजनीतिक दलों के खिलाफ IT, ED और CBI द्वारा की जाने वाली कार्रवाई को बलपूर्वक रोकना चाहिए।
- हेमंत सोरेन और अरविंद केजरीवाल की रिहाई: हेमंत सोरेन और अरविंद केजरीवाल को तुरंत रिहा किया जाए।
- चुनाव में धन का दुरुपयोग बंद: चुनाव के दौरान विपक्षी दलों का आर्थिक रूप से गला घोटने की जबरन कार्रवाई तुरंत बंद होनी चाहिए।
- चुनावी बांड की जांच: चुनावी बांड का उपयोग करके भाजपा द्वारा बदले की भावना, जबरन वसूली और धनशोधन के आरोपों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक SIT गठित हो जानी चाहिए।
रैली में शामिल प्रमुख नेता:
- सोनिया गांधी (कांग्रेस अध्यक्ष)
- राहुल गांधी (कांग्रेस नेता)
- लालू यादव (आरजेडी नेता)
- ममता बनर्जी (टीएमसी प्रमुख)
- अखिलेश यादव (सपा अध्यक्ष)
- उद्धव ठाकरे (शिवसेना प्रमुख)
- एमके स्टालिन (डीएमके नेता)
- फारूख अब्दुल्ला (नेकां नेता)
- अरविंद केजरीवाल (दिल्ली के मुख्यमंत्री)
- भगवंत मान (पंजाब के मुख्यमंत्री)
रैली का सार:
- रविवार को दिल्ली में इंडिया गठबंधन की रैली में हजारों लोग शामिल हुए।
- रैली में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, लालू यादव, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, उद्धव ठाकरे, एमके स्टालिन, फारूख अब्दुल्ला समेत 28 नेता मंच पर मौजूद थे।
- रैली में विपक्षी नेताओं ने भाजपा पर चुनाव में हेराफेरी करने और विपक्षी दलों को डराने-धमकाने का आरोप लगाया।
- इंडिया गठबंधन ने 5 मांगें रखीं, जिनमें चुनाव आयोग में सुधार, हेमंत सोरेन और अरविंद केजरीवाल की रिहाई, चुनाव में पारदर्शिता और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में SIT गठन शामिल हैं।
- रैली में नेताओं ने कहा कि भाजपा नेताओं ने लोकतंत्र को खतरे में डाल दिया है और इसे बचाने के लिए सभी को एकजुट होना होगा।



