रायपुर में साधु बनकर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा, ग्वालियर का युवक गिरफ्तार

बीमारी और अनिष्ट का डर दिखाकर पूजा-पाठ के नाम पर ऐंठे जेवर-नकदी; 17 ग्राम सोना और मोबाइल जब्त
रायपुर। राजधानी के गंज थाना क्षेत्र में साधु बनकर पूजा-पाठ के नाम पर लाखों रुपए के जेवर और नकदी ठगने का मामला सामने आया है।
पुलिस ने इस मामले में मध्यप्रदेश के ग्वालियर निवासी एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके साथ विधि से संघर्षरत एक बालक को भी पकड़ा गया है। आरोपियों के कब्जे से 17 ग्राम सोने के आभूषण और वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन जब्त किया गया है। गिरोह के अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
बीमारी ठीक करने का झांसा देकर लिए जेवर
पुलिस के मुताबिक, फाफाडीह स्थित जयलक्ष्मी कॉम्प्लेक्स निवासी जसवंत परमार ने शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी पत्नी ने बताया कि मार्च 2026 में तीन अज्ञात साधु उनके घर पहुंचे थे। उन्होंने बीमारी, आंखों की परेशानी और घरेलू समस्याओं के बारे में बातें बताकर भरोसा जीत लिया। इसके बाद पूजा-पाठ के नाम पर सोने की अंगूठी और नकदी ले ली।
करीब 10-12 दिन बाद आरोपी दोबारा पहुंचे और पूजा के बाद जेवर लौटाने का झांसा देकर सोने की चेन सहित अन्य सोने-चांदी के आभूषण लेते रहे। उन्होंने परिवार को धमकी दी कि इस बारे में किसी को बताने पर अनिष्ट होगा या परिवार के सदस्यों की मृत्यु हो सकती है। इससे महिला डर गई और किसी को जानकारी नहीं दी।
फोन पर और जेवर-नकदी की मांग
7 सितंबर 2026 से आरोपियों ने लगातार फोन कर और जेवर व नकदी मांगनी शुरू की। इस पर महिला को ठगी का संदेह हुआ। आरोपियों ने न तो पूजा-पाठ कराया और न ही लिए गए आभूषण लौटाए।
तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर गंज थाना पुलिस ने मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच के बाद ग्वालियर निवासी गुरुदयाल सिंह उर्फ दल्लू (22) और एक बालक को पकड़ा गया। पूछताछ में गुरुदयाल ने अपने भाई और अन्य साथी के साथ मिलकर ठगी करना स्वीकार किया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की है। फरार साथियों की तलाश जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गिरोह ने इस तरह की अन्य वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं।



