लोक निर्माण विभाग में हो रही वित्तीय अनियमितता और दोषी अधिकारी को संरक्षण दे रही सरकार: विजय शंकर मिश्रा - realtimes
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लोक निर्माण विभाग में हो रही वित्तीय अनियमितता और दोषी अधिकारी को संरक्षण दे रही सरकार: विजय शंकर मिश्रा

रायपुर. भाजपा आरटीआई प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ. विजय शंकर मिश्रा ने रविवार को खुलासा किया कि लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत आने वाले (राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग) के 1 करोड़ 30 लाख 60 हजार रुपए को अफसरों ने मिलीभगत कर हजम कर लिया है। जब विभाग में पैचवर्क काम को लेकर सूचना के अधिकार में आवेदन लगा, तब अफसरों के कान खड़े हुए और आनन फानन में पैचवर्क का काम शुरू हुआ। मगर यहां भी चोरी पकड़ी गई जब प्लेन सड़क में डामर चढ़ा दिया गया और दूसरे दिन डामर बह गया। इस तरह खुलेआम जनता के पैसों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
एकात्म परिसर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए डॉ मिश्रा ने दो सड़कों की जानकारी देते हुए आरोप लगाया कि राजधानी रायपुर में जो पैचवर्क का काम हुआ है, उससे सड़क चलने लायक नहीं है, पूरी सड़क अनबैलेंस हो गई है। उन्होंने बताया, राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130 बी धनेली विधानसभा रोड के किलोमीटर 0.00 से 10.90 में बीटी पैच रिपेयर कार्य इसकी लागत 81.89 लाख रुपए है। इसी के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130 बी नरदहा मोड़ से भैंसा मार्ग के किलोमीटर 10.90 से 51.90 में बीटी पैच रिपेयर कार्य 48.71 लाख रुपए का है। उन्होंने बताया, जिस रोड का टेंडर किया गया वह पूरी तरह ठीक है, सूचना का अधिकार लगने के बाद जीरो पॉइंट से 33 किलोमीटर में जबरदस्ती ठीक रोड का पैचवर्क किया गया और पैचवर्क फेलने लगा। सड़क की सतह चिकनी होने के कारण डामर स्लिप हो गया है।
दोषी को पदोन्नति
डॉ. मिश्रा ने बताया, वर्ष 2006 में महालेखा के ऑडिट रिपोर्ट में एन के जयंत तात्कालिक कार्यपालन अभियंता के विरुद्ध ठेकेदार को अतिरिक्त स्टील एडवांस दिए जाना का आरोपी पाया गया। तात्कालिक छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री राजेश मूणत द्वारा कार्यपालन अभियंता के ऊपर 5 वेतन वृद्धि संचयी प्रभाव तथा पदावनत अर्थात डिमोशन करने का आदेश दिया गया। कांग्रेस सरकार आते ही प्रकरण कि नस्ति 21 जनवरी 2021 को विभागीय मंत्री को प्रस्तुत की गई। प्रकरण में एन के जयंत को में दोषी माना गया, लेकिन इसके बाद भी एन के जयंत को दोषमुक्त कर पदोन्नति देकर मुख्य अभियंता अंबिकापुर बना दिया गया, जहां पर वह पूर्व में कार्यपालन अभियंता रहते हुए आर्थिक अनियमितता के आरोपी थे।

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