CBI के लुकआउट नोटिस पर सिसोदिया बोले- ये क्या नौटंकी है मोदीजी? खुलेआम दिल्ली में घूम रहा हूं, बताइए कहां आना है? - realtimes
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CBI के लुकआउट नोटिस पर सिसोदिया बोले- ये क्या नौटंकी है मोदीजी? खुलेआम दिल्ली में घूम रहा हूं, बताइए कहां आना है?

दिल्ली आबकारी नीति मामले में सीबीआई द्वारा लुकआउट नोटिस जारी करने पर दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “आपकी सारी रेड फेल हो गई, कुछ नहीं मिला, एक पैसे की हेरा फेरी नहीं मिली, अब आपने लुकआउट नोटिस जारी किया है कि मनीष सिसोदिया मिल नहीं रहा। यह क्या नौटंकी है मोदी जी? मैं खुलेआम दिल्ली में घूम रहा हूं, बताइए कहां आना है? आपको मैं मिल नहीं रहा?”

आबकारी नीति मामले में दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया समेत अन्य आरोपियों पर लटकती गिरफ्तारी की तलवार के बीच सीबीआई ने यह लुकआउट नोटिस जारी किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। ऐसे में अब इस मामले से जुड़े कोई भी आरोपी देश छोड़कर बाहर नहीं जा सकता है।

इससे पहले 19 अगस्त को दिल्ली में मनीष सिसोदिया के घर पर सीबीआई की टीम ने करीब 14 घंटे तक छापेमारी की थी। सिसोदिया के अलावा देश के 21 ठिकानों पर सीबीआई ने एक साथ छापेमारी की थी।

लुकआउट नोटिस क्‍या है और कब जारी किया जाता है?

लुकआउट नोटिस जारी कर यह सुनिश्‍चित किया जाता है कि कोई अपराधी या भगौड़ा देश छोड़कर न जा सके। नोटिस का इस्तेमाल अधिकतर इमिग्रेशन चेकपॉइंट्स और सीपोर्ट के लिए किया जाता है।

कई मामलों में पुलिस भी किसी आरोपी या अपराधी के देश से बाहर जाने से रोकने के लिए कोर्ट से लुकआउट नोटिस जारी करने के लिए कह सकती है। जिसके लिए यह नोटिस जारी किया गया है वह इसे कोर्ट में चुनौती भी दे सकता है। अगर अदालत को लगता है कि नोटिस गैरजरूरी है तो आरोपी को राहत दी मिल सकती है।

लुकआउट नोटिस कौन जारी कर सकता है?

सीबाईआई और ईडी के अलावा कई ऐसी अथॉरिटीज और एजेंसीज हैं जिनके पास लुकआउट नोटिस जारी करने का अध‍िकार है। राज्‍य में डिप्‍टी सेक्रेटरी और जॉइंट सेक्रेटरी की रैंक और इससे ऊपरी रैंक के अध‍िकारी लुकआउट नोट‍िस जारी कर सकते हैं। इसके अलावा जिला मजिस्‍ट्रेट, सुप्र‍िटेंडेंट ऑफ पुलिस (SP), सरकारी सिक्‍योरिटी एजेंसी के अध‍िकारी, इंटरपोल ऑफ‍िसर और कॉर्पोरेट मंत्रालय के पास भी लुकआउट नोटिस जारी करने का अध‍िकार होता है।

मनीष सिसोदिया पर आरोप क्या है?

पिछले महीने उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मुख्य सचिव की रिपोर्ट के आधार पर सिसोदिया के खिलाफ सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। सिसोदिया के पास आबकारी विभाग की जिम्मेदारी भी है। उनपर नई आबकारी नीति में भ्रष्टाचार का आरोप है।

सिसोदिया पर आरोप है कि उन्होंने नीति में नियमों की अनदेखी कर टेंडर दिए। आरोप है कि केजरीवाल सरकार ने शराब ठेकेदारों को अनुचित तरीके से मुनाफा पहुंचाया। शराब के लाइसेंस देने में नियमों की अनदेखी की गई। इसके अलावा टेंडर देने के बाद शराब ठेकेदारों के 144 करोड़ रुपए माफ किए गए।

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