विमल’ विज्ञापन मामले में बड़ा एक्शन, मन्नत और जुहू पहुंचा

महाराष्ट्र में प्रतिबंधित विमल पान मसाला के कथित अप्रत्यक्ष यानी सरोगेट विज्ञापन मामले में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन, शाहरुख खान और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह नोटिस इस हफ्ते तीनों अभिनेताओं के मुंबई स्थित पते पर भेजा गया है। FDA को संदेह है कि विमल इलायची का यह विज्ञापन राज्य में प्रतिबंधित विमल पान मसाला को बढ़ावा देता है। खाद्य सुरक्षा कानूनों के तहत भ्रामक विज्ञापन साबित होने पर 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
FDA ने अजय देवगन के जुहू स्थित आवास, शाहरुख खान के बांद्रा स्थित ‘मन्नत’ और टाइगर श्रॉफ की कंपनी ‘टाइगर श्रॉफ प्रोडक्शंस LLP’ के पते पर नोटिस भेजा है। विभाग ने तीनों कलाकारों से विज्ञापन में उनकी भूमिका और ब्रांड एंडोर्समेंट को लेकर जवाब मांगा है। नोटिस के मुताबिक, पहली नजर में विज्ञापन की प्रस्तुति, डायलॉग और ब्रांड नेम का सीधा संबंध प्रतिबंधित पान मसाला से दिखता है।
महाराष्ट्र में तंबाकू या निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाला के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर 13 जुलाई 2026 से एक साल के लिए नया प्रतिबंध आदेश लागू हुआ है। राज्य में यह रोक वर्ष 2012 से फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (FSS) Act की धारा 30(2)(a) के तहत हर साल बढ़ाई जाती रही है। FDA ने इस बार FSS Act, 2006 की धारा 24 और 53 के अलावा फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स रेगुलेशन, 2018 का हवाला दिया है।
यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा को लेकर राज्यभर में जारी व्यापक अभियान का हिस्सा है। 25 मई से 31 जुलाई के बीच एफडीए ने 658 स्थानों पर छापेमारी कर 15.11 करोड़ रुपये का प्रतिबंधित माल जब्त किया है। इस दौरान 519 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गईं, 701 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 6.6 करोड़ रुपये के सामान सहित 78 वाहन जब्त किए गए।
अवैध नेटवर्क पर नकेल कसने के लिए एफडीए सख्त रुख अपना रहा है। 12 जून को एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि पुलिस के साथ मिलकर संगठित गुटखा और पान मसाला नेटवर्क के खिलाफ महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA), 1999 के तहत कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही विभाग मिलावटी दूध, रेस्टोरेंट के भोजन और स्कूलों के पास जंक फूड की बिक्री पर भी निगरानी रख रहा है।
विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर पहले भी कानूनी विवाद हो चुका है। साल 2018 में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) ने सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA), 2003 के तहत विमल इलायची का प्रचार करने वाली कंपनी ‘विष्णु पाउच पैकेजिंग प्राइवेट लिमिटेड’ को नोटिस भेजा था। कंपनी ने यह कहते हुए अदालत का रुख किया था कि वह घरेलू बाजार में ‘विमल’ नाम से कोई तंबाकू उत्पाद नहीं बनाती है।
जनवरी 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ DGHS की अपील खारिज कर दी थी। अदालत ने माना था कि कंपनी को संविधान के दायरे में रहकर बिना तंबाकू वाले उत्पादों के व्यापार का मौलिक अधिकार है। हालांकि, विज्ञापन के सरोगेट होने या न होने का सवाल अब भी बना हुआ है, जिस पर अब महाराष्ट्र FDA ने नए FSS एक्ट के तहत जांच शुरू की है।



