6 माह का बिल न पटाने पर भी नहीं होगी बिजली कट

रायपुर(realtimes) छत्तीसगढ़ सरकार चुनावी साल में बिजली उपभोक्ताओं पर इस कदर मेहरबान हो गई है कि 6 माह तक भी बिल जमा न करने पर भी बिजली कट नहीं होगी, वैसे पावर कंपनी के अधिकारी यह कह रहे हैं कि पहले के नियम के कहत ही बिजली कट होगी, अगर ऐसा करने का काम किया गया ताे यह बात तय है कि बिजली विभाग के अमले के साथ उपभोक्ताओं की जंग हाेगी।
प्रदेश सरकार की बिजली बिल हॉफ योजना का लाभ और ज्यादा उपभोक्ताओं को देने के लिए प्रदेश सरकार के निर्देश पर ऊर्जा विभाग ने अब दो माह के स्थान पर छह माह तक बिल न पटाने वाले उपभोक्ताओं को भी बिजली बिल हॉफ योजना का लाभ अगस्त से देने का फैसला किया है। ऐसा होने से अब एक नया विवाद खड़ा होने की संभावना हो गई है। आमतौर पर बिजली विभाग का अमला एक माह का ही बकाया होने पर आम उपभोक्ताओं की बिजली कट करने पहुंच जाता है, ऐसा होने पर अब विवाद खड़ा होगा कि जब सरकार ने ही छह माह तक बिल जमा न करने पर बिजली बिल हॉफ योजना का लाभ देने के निर्देश दे दिए हैं तो फिर एक माह के बकाया में ही बिजली कट कैसे कर सकते हैं। बिजली कट को लेकर कोई निर्देश न होने के कारण पॉवर कंपनी के अधिकारी भी इसका जवाब देने की स्थिति में नहीं है।
प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आने के बाद प्रदेश के घरेलू उपभोक्ताओं का 400 यूनिट तक बिजली बिल हॉफ किया जा रहा है। प्रारंभ में एक माह से ज्यादा का बकाया होने पर इसका लाभ नहीं मिलता था, बाद में इसको दो माह का बकाया होने पर लाभ देने का फैसला किया गया। ऐसा होने पर योजना का लाभ उठाने वालों की संख्या इस समय 42 लाख से ज्यादा हो गई है। इसको 39 हजार करोड़ से ज्यादा का लाभ दिया जा चुका है।
निर्देश का पालन होने पर संशय
प्रदेश सरकार ने अब छह माह के बकायादारों को भी बिजली बिल हॉफ योजना का लाभ देने का फैसला किया है। ऐसा होने से जहां पुराने बकायादारों को इसका लाभ मिलना प्रारंभ हो जाएगा, वहीं नए निर्देश के बाद लोग बिजली बिल छह माह तक जमा करना ही बंद कर देंगे। लेकिन पावर कंपनी का अमला तो एक माह का ही बिल जमा न होने पर बिजली कट करने पहुंच जाता है। अब अमला अगर बिजली कट करने जाएगा तो विवाद होना तय है। पावर कंपनी के अधिकारियों का कहना है, बिजली कट को लेकर कोई अलग से निर्देश नहीं है, ऐसे में पुराने नियम के मुताबिक एक माह का बिल जमा न होने के 15 दिनों के बाद कभी भी बिजली कट करने के लिए अमला जा सकता है। ऐसा हुआ तो फिर उस निर्देश का पालन ही संभव नहीं हाेगा जिसमें छह माह के बकायादारों को बिजली बिल हॉफ योजना का लाभ देने के निर्देश हुए हैं।
बकाया में हो जाएगा भारी इजाफा
पॉवर कंपनी का इस समय उपभोक्ताओं पर तीन हजार करोड़ से ज्यादा का बकाया है। अगर सरकार के निर्देश के मुताबिक पॉवर कंपनी छह माह तक बिल जमा न करने वालों को छूट दे देती है तो ऐसे में तय है कि छह माह में पावर कंपनी का उपभोक्ताओं पर और दो हजार करोड़ का बकाया बढ़ सकता है। ऐसा होने पर पावर कंपनी की आर्थिक स्थिति और खराब हो जाएगी।



