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खास खबर: रसाेई गैस में सामान्य वर्ग की सब्सिडी पाैने दाे साल से लॉकडाउन

रायपुर(realtimes) केंद्र सरकार रसाेई गैस की कीमत में ताे लगातार इजाफा कर रही है, पर जहां तक सब्सिडी का सवाल  है ताे इसका फायदा अब जाकर महज उज्जवला याेजना में कनेक्शन लेने वालाें काे ही मिल रहा है। इनकाे दाे साै रुपए सब्सिडी मिल रही है, लेकिन जहां तक आम उपभाेक्ताओं का सवाल है ताे इनकी सब्सिडी पिछले पाैने दाे साल से लॉकडाउन है।

अक्टूबर 2020 में जाे रसाेई गैस 665 में मिलती थी वह रसाेई गैस अब रायपुर में 1124 रुपए हाे गई है यानी सीधे-सीधे 459 रुपए का इजाफा हो चुका है। जहां तक सब्सिडी का सवाल है ताे जाे सब्सिडी तब 61.24 रुपए मिलती थी, वहीं अब भी मिल रही है। साेचने वाली बात यह है कि आखिर सब्सिडी जा कहा रही है। काेई भी इसका जवाब नहीं दे रहा है। पिछले साल कहा गया था कि नए साल से ज्यादा सब्सिडी मिलेगी। नया साल आधा बित गया है,  इसमें सब्सिडी में तो इजाफा नहीं किया गया है, लेकिन कीमत जरूर 11 साै के पार हाे गई है। यही नहीं लाखों उपभोक्ताओं को कई माह से सब्सिडी भी नहीं मिल रही है।

पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें लगातार बढ़ रही है। एक तरफ पेट्रोल और डीजल के दाम रोज बढ़ रहे हैं तो दूसरी तरफ रसोई गैस की कीमत में भी इजाफा हो रहा है। कई बार ऐसा होता है कि एक ही माह में दो बार कीमत बढ़ जाती है। 2020 से कीमत में लगातार इजाफा हो रहा है। बहुत कम ऐसे अवसर आए हैं, जब कीमत में कमी होती है। एक साल में एक ही बार पिछले साल अप्रैल में कीमत दस रुपए कम हुई थी।

कीमत अब 11 साै रुपए पार

अक्टूबर 2020 में रसोई गैस की कीमत 665 रुपए थी। नवंबर में इस कीमत में कोई इजाफा नहीं हुआ, लेकिन दिसंबर में कीमत सीधे सौ रुपए बढ़ गई और कीमत जा पहुंची 765 पर। यही कीमत नए साल जनवरी में भी रही। फरवरी में 75 रुपए कीमत बढ़ी और रेट हो गया 840 रुपए। मार्च में जहां कीमत में 50 रुपए का इजाफा हुआ, वहीं अप्रैल में कीमत पहली बार दस रुपए कम हुई। अप्रैल में कीमत 880 रुपए थी। यही कीमत मई और जून में भी रही, क्योंकि दो माह कीमत में इजाफा नहीं किया गया, लेकिन जुलाई और अगस्त में कीमत में 25-25 रुपए का इजाफा किया गया। अगस्त में कीमत 931 रुपए थी। सितंबर में जहां कीमत में 25 रुपए बढ़ाए गए, वहीं अक्टूबर में कीमत 15 रुपए बढ़ी है। नवंबर से कीमत में पांच राज्यों में चुनाव के कारण कोई इजाफा नहीं किया गया। लेकिन जैसे ही पांच राज्यों के चुनाव समाप्त हुए और परिणाम आया इसके बाद से पहले पेट्रोल और डीजल और फिर रसोई गैस की कीमत में 50 रुपए का इजाफा किया गया। घरेलु रसोई गैस की कीमत के बाद व्यावसायिक रसोई गैस में तो सीधे 250 रुपए का इजाफा कर दिया गया है। अपैल से कीमत में लगातार इजाफा हाे रहा है।

सब्सिडी महज 61 रुपए, वाे भी नहीं मिल रहे

अक्टूबर 2020 में जब कीमत 665 रुपए थी, उस समय उपभोक्ताओं के खाते में 61.24 रुपए सब्सिडी आ रही थी। गैस की कीमत लगातार बढ़ने के बाद भी 61.24 रुपए की ही सब्सिडी पिछले साल अगस्त तक उपभोक्ताओं के खाते में आती रही, लेकिन इसके बाद दो माह अचानक 61.24 रुपए की सब्सिडी भी बंद हो गई। बाद में दो माह की सब्सिडी एक साथ आई। इसके बाद नवंबर और दिसंबर में भी 61.24 रुपए की सब्सिडी मिली। पिछले साल से केंद्र सरकार के साथ गैस एजेंसियों के लोग भी यह कहते रहे कि नए साल से ज्यादा सब्सिडी मिलेगी, लेकिन जनवरी में गैस लेने वालों को फिर से 61.24 रुपए ही सब्सिडी मिली। ज्यादा सब्सिडी क्यों नहीं दी जा रही है, इसका जवाब न तो गैस एजेंसियों के पास है न ही गैस कंपनियों के अधिकारियों के पास है। कोई कुछ बता नहीं पा रहा है। सभी यही कहते हैं, इसका जवाब तो केंद्र सरकार ही दे सकती है। जानकारों का कहना है, कम से चार सौ रुपए सब्सिडी मिलनी चाहिए, लेकिन यह नहीं मिल रही है। कीमत में इजाफा तो लगातार हुआ है, लेकिन सब्सिडी अक्टूबर 2020 वाली ही चल रही है।

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