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ऑनलाइन व्यक्तिगत हमलों पर बिफरे जस्टिस चंद्रचूड़, बोले- जजों को निशाना बनाने की भी एक हद होती है

उन्होंने कहा, “मैं कोविड से पीड़ित था, इसलिए इस मामले को नहीं लिया जा सका। हाल ही में एक समाचार लेख पढ़ा, जिसमें कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट मामले की सुनवाई में देरी कर रहा है .. हमें एक ब्रेक दें!” उन्होंने सवाल किया, “आप जजों को कितना निशाना बना सकते हैं, इसकी भी एक सीमा है.. ऐसी खबरें कौन प्रकाशित कर रहा है?”

न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ ने मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई।
सुप्रीम कोर्ट देशभर में ईसाई संस्थानों और पादरियों पर हमलों में वृद्धि का आरोप लगाने वाली एक याचिका पर विचार करने के लिए 27 जून को सहमत हुआ था। वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंजाल्विस ने न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला की अवकाश पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख किया और तत्काल सुनवाई की मांग की।

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