छत्तीसगढ़ से निकलने वाले काेयले पर पहला हक हमारा, नहीं लेंगे विदेशी कोयला - realtimes
मौसम डेटा स्रोत: रायपुर मौसम
State

छत्तीसगढ़ से निकलने वाले काेयले पर पहला हक हमारा, नहीं लेंगे विदेशी कोयला

रायपुर(realtimes) प्रदेश के स्पंज आयरन उद्योगाें का साफ कहना है, प्रदेश से निकलने वाले काेयले पर पहला हक राज्य के ही उद्याेगाें का है। हमें दरकिनार करके दूसरे राज्याें काे ताे काेल इंडिया काेयला दे रहा है, पर हमें नहीं दे रहा है। एसईसीएल की खदानों में इतना ज्यादा काेयला है कि वहां जल रहा और बर्बाद हाे रहा है, पर उद्याेगाें काे नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में उद्याेग अब कोल इंडिया से आर-पार की लड़ाई करने का फैसला कर चुके हैं। इसके लिए एसईसीएल का दफ्तर हजारों श्रमिकों के साथ घेरने की रणनीति बनाई जा रही है।

स्पंज आयरन एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल नचरानी का साफ कहना है, हमें विदेशी कोयला से ही उद्योग चलाने पर मजबूर किया जा रहा है, पर हम विदेशी कोयले से उद्योग नहीं चलाएंगे भले उद्योगों में ताला क्यों न लगाना पड़े। कोल इंडिया के साथ स्पंज आयरन उद्योगों का पांच साल का लिकेंज समाप्त हो गया है। इस अनुबंध को वापस करने से कोल इंडिया ने केंद्र सरकार का हवाला देते हुए इनकार दिया है। इसके बाद से ही स्पंज आयरन उद्योग परेशानी में चल रहा है और हाथ-पैर मार रहा है कि किसी तरह से अनुबंध फिर से हो जाए। इसके लिए जहां प्रदेश सरकार को अपनी परेशानी बताई है, वहीं केंद्र सरकार को भी पत्र लिखकर समस्या का समाधान करने की मांग रखी है। अब तक इस दिशा में कुछ नहीं हुआ है।

कोयले जल रहा है, पर दे नहीं रहे

स्पंज आयरन एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल नचरानी का कहना है, यह दुर्भाग्यजनक है कि एक तरफ एसईसीएल की खदानों से निकलने वाला कोयला जल रहा है, पर उद्योगों को नहीं दिया जा रहा है। उनका कहना है अपने राज्य से निकलने वाले कोयले पर पहला हक हम राज्य के उद्योगों का है, लेकिन राज्य के उद्योगों को दरकिनार करके दूसरे राज्यों को तो कोयला दिया जा रहा है, पर यहां के उद्योगों को पॉवर सेक्टर की प्राथमिकता बताते हुए कोयला देने से इनकार किया जा रहा है।

विदेशी कोयले से उद्योग चलाना संभव नहीं

स्पंज आयरन उद्योग के संचालकों का साफ कहना है विदेशी कोयले के दम पर उद्योग चलाना संभव नहीं है। यह कोयला इतना महंगा है कि अगर इसका पूरा उपयाेग किया जाएगा तो स्पंज आयरन की कीमत इतनी ज्यादा हो जाएगी कि इसको लेकर स्टील बनाने में हालत खराब हो जाएगी। एक तो पहले ही रोलिंग मिलों को एसईसीएल से कोयला नहीं मिलता है, अगर स्पंज आयरन का कोयला भी बंद हो गया तो यहां के उद्योगों में ताला लगना तय है। हमें आंदोलन के लिए मजबूर किया जा रहा है।

करेंगे घेराव

अब स्पंज आयरन एसोसिएशन ने पहली बार तय किया है कि अनुबंध फिर से नहीं किया गया और कोयला नहीं मिला तो उद्योग हजारों श्रमिकों को लेकर बिलासपुर में एसईसीएल के दफ्तर का घेराव करेंगे। उद्योगों में इस समय 15 दिनों का स्टॉक है और मार्च माह का बैकलॉक कोयला आना बाकी है। अगर यह कोयला मिल गया तो डेढ़ माह तक उद्योग चल सकेंगे नहीं तो 15 दिनों बाद ही तालाबंदी की स्थिति आएगी। स्थिति के हिसाब से ही एसईसीएल दफ्तर का घेराव होगा।

Related Articles

Back to top button