Passport Index 2026 India Rank: भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग गिरकर

नई दिल्ली। भारतीय पासपोर्ट की ताकत 2026 में सात पायदान नीचे खिसक गई है। नई ग्लोबल पासपोर्ट रैंकिंग में भारत 73वें स्थान पर पहुंच गया है। भारत का मोबिलिटी स्कोर 69 है। इस रैंक पर भारत के साथ जिम्बाब्वे, युगांडा, उज्बेकिस्तान, साओ टोमे और प्रिंसिपे और वियतनाम भी हैं।
2025 में 66वें स्थान पर था भारत
साल 2025 में भारत 66वें स्थान पर था। उस समय भारतीय पासपोर्ट का मोबिलिटी स्कोर 73 था। तब 44 देशों में पहुंचने पर वीजा की सुविधा मिलती थी। इस साल रैंकिंग में गिरावट के साथ यात्रा के लिए वीजा संबंधी शर्तों में भी बदलाव हुआ है।
नई रैंकिंग के मुताबिक भारतीय पासपोर्ट धारक 25 देशों में बिना वीजा यात्रा कर सकते हैं। 39 देशों में पहुंचने पर वीजा मिलता है। वहीं, 129 देशों की यात्रा के लिए पहले से वीजा लेना जरूरी है।
UAE का पासपोर्ट सबसे ऊपर
ग्लोबल पासपोर्ट पावर रैंकिंग में संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE पहले स्थान पर है। उसका मोबिलिटी स्कोर 181 है। UAE के नागरिक 138 देशों में बिना वीजा और 43 देशों में पहुंचने पर वीजा के साथ यात्रा कर सकते हैं। 17 देशों के लिए पहले से वीजा लेना पड़ता है।
वहीं, अफगानिस्तान 99वें स्थान पर है और रैंकिंग में सबसे नीचे है। उसके पासपोर्ट धारक 6 देशों में बिना वीजा और 29 देशों में पहुंचने पर वीजा के साथ यात्रा कर सकते हैं। 163 देशों के लिए उन्हें पहले से वीजा लेना पड़ता है।
सरकार ने रैंकिंग पर उठाए सवाल
भारतीय पासपोर्ट की ग्लोबल रैंकिंग को लेकर केंद्र सरकार का कहना है कि ऐसी रैंकिंग को आधिकारिक वैश्विक मानक नहीं माना जा सकता। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने लोकसभा में लिखित जवाब में कहा था कि कुछ निजी संस्थान अपने तय मापदंडों के आधार पर पासपोर्ट रैंकिंग जारी करते हैं।
सरकार के अनुसार, पासपोर्ट को रैंक करने के लिए विश्व स्तर पर स्वीकार्य मापदंड तय नहीं हैं। इसलिए किसी एक रैंकिंग प्रणाली को वैश्विक मानक नहीं माना जा सकता।
Passport Index खुद मोबिलिटी स्कोर के आधार पर पासपोर्ट की ताकत तय करता है। इसमें वीजा-मुक्त और वीजा-ऑन-अराइवल जैसी यात्रा सुविधाओं को शामिल किया जाता है।



