कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार का निधन

कांग्रेस के पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता सज्जन कुमार का गुरुवार को दिल्ली में निधन हो गया। 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे 78 वर्षीय सज्जन कुमार को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बिगड़ने के बाद दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल लाया गया था। अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत लाया घोषित (ब्रॉट डेड) कर दिया। उनके निधन की सूचना मिलते ही उनके बेटे जग प्रवेश कुमार तुरंत सफदरजंग अस्पताल पहुंचे।
तिहाड़ जेल में काट रहे थे उम्रकैद की सजा
सज्जन कुमार 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों से जुड़े दिल्ली के पालम इलाके के दिल्ली कैंट मामले में दोषी ठहराए गए थे। दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद से ही वह राजधानी की तिहाड़ जेल में बंद थे। वह पिछले कुछ समय से गंभीर स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों और वृद्धावस्था से जुड़ी समस्याओं से पीड़ित थे।
अस्पताल पहुंचे बेटे, डॉक्टरों ने घोषित किया मृत
जेल में तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें तत्काल इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी सांसें थम चुकी थीं और डॉक्टरों ने औपचारिकताएं पूरी करते हुए उन्हें ब्रॉट डेड घोषित किया। पिता के निधन की खबर मिलते ही उनके बेटे जग प्रवेश कुमार अस्पताल के आपातकालीन विभाग में पहुंचे।
पश्चिमी और बाहरी दिल्ली में मजबूत थी राजनीतिक पकड़
सज्जन कुमार कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे हैं। वह बाहरी दिल्ली लोकसभा सीट से तीन बार सांसद चुने गए थे। स्थानीय राजनीति और अपने क्षेत्र के कैडर में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती थी, लेकिन 1984 के दंगों में नाम आने और बाद में कानूनी प्रक्रिया के तहत सजा मिलने के बाद उनका राजनीतिक करियर समाप्त हो गया था।
अस्पताल में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, प्रक्रिया जारी
सज्जन कुमार के निधन के बाद सफदरजंग अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। चूंकि वह एक कैदी (सजायाफ्ता) थे, इसलिए जेल नियमों और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत उनके शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और संबंधित कागजी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।



