JSSC CGL Paper Leak: 12 लाख में पेपर! 15 छात्रों से 1.80 करोड़

JSSC CGL Paper Leak: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की झारखंड सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (CGL) में पेपर लीक होने का दावा सामने आया है। सीआईडी की पूछताछ में अभय तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी के स्वीकारोक्ति बयान के मुताबिक, बोकारो में 15 अभ्यर्थियों को परीक्षा के प्रश्न और उत्तर रटवाए गए थे। इसके लिए प्रत्येक अभ्यर्थी से 12-12 लाख रुपये लिए गए। इस तरह 15 छात्रों से कुल 1.80 करोड़ रुपये की वसूली का दावा किया गया है।
अभय तिवारी को सीआईडी ने जेपीएससी मेधा घोटाला मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा है। वह जेपीएससी की परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) में मार्केटिंग मैनेजर रह चुका है। पूछताछ के दौरान उसने जेएसएससी सीजीएल परीक्षा से जुड़ी जानकारी अपने स्वीकारोक्ति बयान में दी है।
बोकारो में 65 प्रश्नों के उत्तर रटवाने का दावा
अभय तिवारी के बयान के मुताबिक, बोकारो में 15 अभ्यर्थियों को प्रश्न और उनके उत्तर रटवाए गए थे। वहां कुल 65 प्रश्नों के उत्तर रटवाने की बात कही गई है। इस दौरान मिथिलेश सिंह और उसका सहयोगी राकेश सिंह भी मौजूद था। बयान के अनुसार, अभय तिवारी ने परीक्षा के प्रश्नपत्र और उत्तर हासिल किए थे। इसके बाद इनका इस्तेमाल अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले तैयारी कराने के लिए किया गया।
TDPL को डी-इंपैनल किए जाने के बाद वेबेल को मिला काम
अभय तिवारी ने पूछताछ में बताया कि जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में बायोमीट्रिक का काम पहले TDPL को मिल रहा था। दर कम होने के कारण TDPL ने काम करने से मना कर दिया। इसके बाद जेएसएससी ने TDPL को डी-इंपैनल कर दिया। इसके बाद परीक्षा संचालन का काम वेबेल को मिला। बयान के मुताबिक, वेबेल को बायोमीट्रिक के साथ प्रश्नपत्र की छपाई का काम भी दिया गया था। अभय तिवारी के अनुसार, वेबेल के मालिक मिथिलेश सिंह और उसके सहयोगी उमाकांत प्रमाणिक से उसने संपर्क किया। इसके बाद परीक्षा का प्रश्नपत्र और उत्तर हासिल किए गए।
अभय तिवारी का CGL में 48वां रैंक
पूछताछ में अभय तिवारी ने यह भी बताया कि वह खुद जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में सफल हुआ था और उसका रैंक 48वां था।
उसके अलावा उसके भाई अक्षय तिवारी और अक्षय तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी का भी चयन हुआ था। दी गई जानकारी के मुताबिक, अक्षय तिवारी वर्तमान में महिला एवं बाल विकास, धुर्वा में जेएसए के पद पर हैं, जबकि सुषमा कुमारी निगरानी विभाग में पदस्थापित हैं।
अभय तिवारी गिरफ्तारी के समय गोड्डा में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के पद पर कार्यरत था।
कोर्ट जाने के बाद दूसरी परीक्षाओं में भी बैठने लगा
अभय तिवारी के बयान के अनुसार, परीक्षा परिणाम को लेकर विवाद और मामला कोर्ट में जाने के बाद वह अन्य परीक्षाओं में भी बैठने लगा था। पूरे मामले में सीआईडी की पूछताछ में सामने आए कथित स्वीकारोक्ति बयान को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। दिए गए तथ्यों के अनुसार, जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में प्रश्नपत्र और उत्तर अभ्यर्थियों तक पहुंचाने से जुड़ी भूमिका की जानकारी भी इसी बयान में सामने आई है।



