शीतकालीन सत्र:हंगामा के चलते दूसरे दिन भी दोनों सदनों में नहीं हुआ कामकाज

- राज्यसभा ने मणिपुर जीएसटी (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2025 लोकसभा को लौटाया
- विपक्ष मणिपुर को लेकर मगरमच्छ के आंसू बहा रहा : निर्मला सीतारमण
नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को दोनों सदनों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग को लेकर विपक्ष ने हंगामा किया। इसके चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी। राज्यसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने एसआईआर पर चर्चा की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। हालांकि सभापति सीपी राधाकृष्णन ने हंगामे के बीच शून्यकाल को जारी रखा। इस दौरान सदस्यों ने प्रदूषण, पानी की समस्या, आंगनबाड़ी में श्रीअन्न शामिल करने, उत्तर प्रदेश में भोजपुरी अकादमी की स्थापना करने जैसे कई विषयों को सामने रखा।
इसी बीच विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि नियम 267 के तहत विषयों और नोटिस देने वाले सदस्यों के नाम बताने की परंपरा रही है। उन्होंने सभापति से सदन के एक पक्ष पर ध्यान देने का अनुरोध किया। खरगे ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू एसआईआर पर चर्चा से बच रहे हैं, जबकि सभापति ने कहा कि मंत्री ने इस पर विचार किया है और बाद में अपनी प्रतिक्रिया देंगे। सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री ने कहा है कि विपक्षी नेताओं के साथ बहुत जल्द एक बैठक होगी और उसके अनुसार हम निर्णय लेंगे।
संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू ने अनुरोध किया कि किसी भी चीज पर समय-सीमा की शर्त न लगाई जाए। सब कुछ अभी नहीं हो सकता, देश में कई मुद्दे हैं, एक मुद्दे को कमतर करके दूसरा मुद्दा नहीं उठाना चाहिए। सदन में भारी शोर-शराबे के बीच भाजपा सदस्य आरपीएन सिंह, के. लक्ष्मण, बाबूराम निषाद, डीएमके सदस्य तिरुची शिवा और आईएनडी के अजीत कुमार भुयान समेत कई सदस्यों ने अपने मुद्दे रखे। एसआईआर के मुद्दे पर हंगामा थमता न देखकर सभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। वहीं लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई तो विपक्षी सदस्य एसआईआर के मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर हंगामा करने लगे।
वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री जीतिन प्रसाद के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बोलना शुरू किया ही था कि विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के आसन के समीप वेल में पहुंच गए। रिजिजू ने बार-बार विपक्ष को शांत होने और चर्चा में हिस्सा लेने की अपील की तथा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से भी बातचीत कर विपक्ष की समस्याओं और मुद्दों पर चर्चा का आश्वासन दिया, लेकिन विपक्षी सदस्यों ने हंगामा और नारेबाजी बंद नहीं की। लगातार हंगामे और नारेबाजी के कारण लोकसभा की कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी। लोकसभा की कार्यवाही दो बार बाधित होने के बाद दोपहर दो बजे पुन: शुरू हुई, लेकिन विपक्ष के मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर चर्चा कराने की मांग को लेकर नारेबाजी और हंगामे के कारण सिर्फ पांच मिनट में ही कार्यवाही अगले दिन बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गयी।
राज्यसभा ने मंगलवार को मणिपुर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) विधयेक, 2025 लोकसभा को वापस भेज दिया, यह पूर्वोत्तर के राज्य में जीएसटी 2.0 सुधारों को लागू करने के लिए लाए गए अध्यादेश की जगह लेगा। संसद के निचले सदन लोकसभा ने सोमवार को यह विधयेक पास कर दिया था। राज्यसभा बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित हो गई। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने इससे पहले सदन के पटल पर मणिपुर माल एवं सेवा कर (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2025 को रखा, जिसको जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में लिए गए फैसलों को लागू करने के लिए लाया गया था। इस विधयेक पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चर्चा का जवाब दिया, जिसका मकसद पूर्वोत्तर राज्य में जीएसटी 2.0 सुधारों को लागू करने के लिए लाए गए अध्यादेश की जगह लेना है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में विपक्ष पर मणिपुर के लिए मगरमच्छ के आंसू बहाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य के हितों से जुड़े विधेयकों पर सदन में चर्चा में वह शामिल नहीं होता है।
वित्त मंत्री ने मणिपुर माल एवं सेवा कर (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2025 पर सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए यह टिप्पणी की। इसके बाद राज्यसभा ने थोड़ी चर्चा और वित्त मंत्री के बयान के बाद विधयेक को संसद के निचले सदन लोकसभा में वापस भेज दिया गया। वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में चुनाव सुधारों पर चर्चा कराने के लिए तैयार हो गई है।
लोकसभा में सोमवार, 8 दिसंबर को दोपहर 12 बजे से राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं सालगिरह पर चर्चा होगी। इसके अगले दिन मंगलवार, 9 दिसंबर को दोपहर 12 बजे से चुनाव सुधारों पर चर्चा कराई जाएगी।संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने मंगलवार को बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षा में हुई सर्वदलीय बैठक में यह तय किया गया। उन्होंने बताया कि सोमवार, 8 दिसंबर को दोपहर 12 बजे से लोकसभा में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की 150वीं सालगिरह पर और मंगलवार, 9 दिसंबर को दोपहर 12 बजे से चुनाव सुधारों पर चर्चा होगी।



