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वनांचल क्षेत्र पहुंचकर अकबर ने जाना ज़मीनी हाल

वनक्षेत्र में निवासरत् ग्रामीणों के जीवन स्तर में आया बड़ा बदलाव

कवर्धा। कवर्धा के कांग्रेस प्रत्याशी मोहम्मद अकबर का कहना है कि कांग्रेस की सरकार ने वनांचल क्षेत्र में रहने वालों कि आर्थिक स्थिति सुधारने का काम किया है। कांग्रेस की सरकार बनने पर अपना वादा निभाते हुए सबसे पहले तेंदूपत्ता संग्राहकों का पारिश्रमिक 2500 से बढ़ाकर 4000 रूपए प्रति मानक बोरा कर दिया। इस चुनाव में कांग्रेस की सरकार बनी तो 4 हजार रूपए सालाना बोनस देने की घोषणा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सांसद राहुल गांधी ने कवर्धा में आकर की है।
बोड़ला विकासखंड के वनांचल क्षेत्र चिल्फी अंतर्गत ग्रामों के दौरे पर पहंुचे मोहम्मद अकबर ने कहा कि कांग्रेस सरकार के निर्णयों से वनांचल क्षेत्र में रहने वाले लोगों के जीवन में बहुत बड़ा बदलाव आया है। भाजपा की सरकार मात्र 07 तरह के लघु वनोपजों की खरीदी करती थी। कांग्रेस की सरकार ने 65 प्रकार के लघु वनोपज की खरीदी की है। इतना ही नहीं आम लोगों में मिलेट्स के उपभोग को बढ़ावा देने के लिए कोदो-कुटकी-रागी की खरीदी चालू की गई तो यह संख्या 68 प्रकार के लघु वनोपज की हो गई। अब वन क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीण 68 प्रकार के लघुवनोपजों का संग्रहण कर रहे है। इससे उनकी जेब में पूर्व की तुलना में कई गुना अधिक राशि पहंुच रही है। देश में संग्रहित किए जाने वाले लघु वनोपजो का 70 प्रतिशत मात्रा की खरीदी छत्तीसगढ़ में होती है। लघु वनोपजों की खरीदी के लिए केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को एक साथ 11 पुरस्कार प्रदान किए है। कांग्रेस की अगली सरकार अब लघु वनोपजों की खरीदी पर समर्थन मूल्य के अलावा प्रति क्विंटल 1 हजार रूपए अतिरिक्त प्रदान किया जाएगा।

स्वामी आत्मानंद स्कूल खुलने से फैल रही शिक्षा

प्रदेश के कैबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर ने ग्रामीणों के बीच में बैठकर बताया कि वन क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को वन अधिकार पत्र उपलब्ध कराया गया है। इससे ग्रामीणजन वन क्षेत्रों से बेदखल होने की चिंता से पूरी तरह मुक्त हो गए है। कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में पहंुचे मोहम्मद अकबर ने बताया कि वनक्षेत्र चिल्फी में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल प्रारंभ किया गया है। इसी तरह बोड़ला विकासखंड के पोड़ी में भी स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल खुलने से वनांचल के बच्चे अंग्रेजी माध्यम स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे है तथा अंग्रेजी में बात करने की काबिलियत उनमें आ रही है।

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