घरेलू बिजली उपभोक्ताओं पर भूपेश सरकार मेहरबान, चार साल में खाते में डाले 40 से 50 हजार

रायपुर(realtimes) छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार बिजली उपभोक्ताओं काे कांग्रेस सरकार में चार साल तक बिजली बिल में बड़ी राहत मिली है। प्रदेश सरकार की बिजली बिल हॉफ योजना में 45 लाख से ज्यादा घरेलू बिजली उपभोक्ताओं की जेब में अब हर माह हजार रुपए से ज्यादा जा रहे हैं। दो माह तक तो 1130 रुपए गए हैं। इसके पीछे का कारण यह है कि पिछले साल तीन बार उपभोक्ताओं को वीसीए के कारण महंगी बिजली का झटका लगा, लेकिन इसी के साथ एक बड़ी राहत यह भी मिली कि बिजली बिल हॉफ योजना में टैरिफ के साथ वीसीए भी शामिल होने के कारण वीसीए का शुल्क आधा लगा। अब नए फार्मूले एफपीपीएएस में भी आधा पैसा लग रहा है। चार साल में उपभोक्ताओं की जेब में 40 ले 50 हजार रुपए गए हैं। इसका मोर बिजली एप में ऑनलाइन प्रमाणपत्र भी दिया जा रहा है।
प्रदेश में कांग्रेस की सरकार ने अपने घोषणापत्र में किए गए वादे के मुताबिक बिजली उपभोक्ताओं को मार्च 2019 से बिजली बिल हॉफ योजना का लाभ देना प्रारंभ किया। इस योजना में 400 यूनिट तक हर वर्ग के उपभोक्ताओं का बिजली बिल हॉफ किया जा रहा है। इस योजना को लागू करते समय ही प्रदेश सरकार ने इस बात का उल्लेख कर दिया था कि जिनका किसी भी तरह का बिजली बिल बकाया होगा, उनको योजना का लाभ नहीं मिलेगा। बाद में दो माह से ज्यादा बकाया जमा न करने वालों को योजना से वंचित किया गया। ऐसे में किसी कारणवश एक माह का बिल जमा न कर पाने वालों को भी योजना का लाभ मिलता है।
हर माह एक हजार से ज्यादा की छूट
प्रदेश में जिन बिजली उपभोक्ताओं की खपत चार सौ यूनिट की है, उनको पिछले साल जनवरी से जुलाई तक हर माह 948 रुपए की छूट मिल रही थी। इसके बाद एनटीपीसी से महंगी बिजली मिलने के कारण वीसीए में अगस्त में 23 पैसों का इजाफा किया गया तो वीसीए 19 पैसे से 42 पैसे हो गया। ऐसे में छूट 994 रुपए हो गई। इसके बाद फिर से सितंबर में वीसीए 19 पैसे बढ़ा तो पहली बार छूट ने हजार का आंकड़ा पार कर लिया और दो माह तक उपभोक्ताओं को 1032 रुपए की छूट मिली। साल के अंत में सबसे ज्यादा 49 पैसे वीसीए दिसंबर और जनवरी के लिए बढ़ाया गया। ऐसे में वीसीए पहली बार 1.10 रुपए हो गया। ऐसा होने से छूट ने 11 सौ का भी आंकड़ा पार कर लिया और दो माह 1130 रुपए मिले। नए साल में फरवरी के बिल में वीसीए कम करके 78 पैसे किया गया। ऐसे में मार्च में फरवरी का बिल आया तो छूट 1066 रुपए मिली। इतनी ही छूट मार्च के बिल में मिली।
नए फार्मूले में भी पहले जैसी छूट
नए सत्र अप्रैल से केंद्र सरकार ने नया फार्मूला एफपीपीएएस लागू किया है। इसमें प्रतिशत के हिसाब से पैसा लग रहा है। पहले माह पांच, दूसरे माह 10 और तीसरे माह 14.23 प्रतिशत ऊर्जा प्रभार में शुल्क लगा है। इसमें भी 400 यूनिट तक पैसे आधे लग रहे हैं। ऐसे में अब भी एक हजार से ज्यादा की बचत हो रही है। अगस्त में जो जुलाई का बिल आया है, उसमें जून माह का एफपीपीएएस लगा है। इस माह उपभोक्ताओं को 1050 रुपए बचे हैं। इसके पहले के दो माह में भी एक हजार-हजार रुपए लगे।



