Indian Railway: बालासोर रेल हादसे के बाद सक्रिय हुआ रेल मंत्रालय, सुरक्षा पर पूरा जोर

Indian Railway: हाल ही में ओडिशा के बालासोर में दर्दनाक ट्रेन हादसा हुआ। जहां बालासोर में तीन ट्रेनें आपस में टकरा गई और सैंकड़ों यात्रि काल के गाल में समा गए। आगे इस तरह के रेल हादसे जैसी बड़ी घटना दोबारा न हो इसके लिए रेल मंत्रालय ने सभी ‘रेल जोन’ में सुरक्षा और संरक्षा पर ज्यादा जोर देने की बात कही है।सूत्रों के मुताबिक हादसे से सबक लेते हुए रेल मंत्रालय ने रेलवे नेटवर्क में ‘सिग्नल’ सुविधा तथा दूरसंचार पर विशेष ध्यान देने के साथ-साथ सुरक्षा अभ्यास नियमित करने की बात कही गई। रेलवे के सभी 19 ‘जोन’ में एक हफ्ते तक सघन सुरक्षा अभियान चलाया जाएगा।
नेशनल फेडरेशन आफ इंडियन रेलवे मैन के मुताबिक पिछले 3 साल के दौरान देश में 19 हजार किलोमीटर पटरी बिछाई गई लेकिन इसके लिए अलग कर्मचारी नियुक्त नहीं हुए। रेल मंत्रालय ने साल 2010 में सिग्नल शाखा में कर्मचारियों के लिए ‘यार्ड स्टिक’ निधारित की जिसके बाद से अबतक इसमें कोई परिवर्तन नहीं किया गया ।
रेलवे सूत्रों की मानें तो रेल हादसे में ‘इंटरलाकिंग सिस्टम’ में छेड़छाड़ के शक के बाद ही रेलवे ने स्टेशन की सीमा के अंदर ‘हाउसिंग सिग्नल प्रणाली’ की जांच करने बात कही जा रही है। स्टेशनों के सभी रिले रूम की भी तरीके से परीक्षण करने और ‘सिग्नल सिस्टम’ की ‘डबल लाकिंग’ व्यवस्था की नियमित रूप से देखरेख करने को कहा गया है।
गौरतलब है कि ‘रिले रूम’ से ‘सिग्नल सिस्टम’ को फिर से शुरू किया जाता है। रेल अधिकारियों की मानें तो अपने-अपने क्षेत्र में रेल यातायात और पटरियों से जुड़ी हर तरह की कमियों, जटिलताओं और अनियमितताओं की पड़ताल के बाद नियमित रूप से रिपोर्ट भेजने की बात कही गई है।
यह भी पढ़ें :- देश से जुड़ी बड़ी खबरें यहाँ पढ़ें



