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स्मार्ट मीटर के खिलाफ रीडरों से खोला मोर्चा

रायपुर(realtimes) छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर लगने के पहले ही इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया गया है।  स्मार्ट मीटर के कारण पांच हजार रीडरों पर बेरोजगार होने का खतरा मंडराने लगा है। इसलिए स्मार्ट मीटर के खिलाफ बिजली मीटरों की रीडिंग करने वाले रीडरों ने पांच दिनों की हड़ताल कर दी है। इसकी वजह से रीडिंग का काम प्रभावित हो रहा है। रीडर चाहते हैं स्मार्ट मीटर न लगाए जाए। इसकी मांग पॉवर कंपनी के सामने रखी गई है। 
प्रदेश में 61 लाख से ज्यादा बिजली उपभोक्ता हैं। इनके मीटरों की रीडिंग करने का काम प्रदेश में 52 सौ रीडर कर रहे हैं। पहले यह काम ठेके पर दिया जाता था, लेकिन अब बेरोजगारों को रीडिंग का काम दिया गया है। शहर और ग्रामीण क्षेत्र में अलग-अलग रीडिंग का काम दिया गया है। शहरों में एक रीडर को 15 सौ उपभोक्ताओं की रीडिंग एक माह में करने का काम दिया गया है। इसके लिए पांच रुपए के हिसाब से साढ़े सात हजार दिए जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में 12 सौ उपभोक्ताओं की रीडिंग का काम एक रीडर करता है, इसके लिए छह रुपए के हिसाब से 72 सौ रुपए देते हैं। नक्सली क्षेत्र में सात रुपए के हिसाब से एक हजार उपभोक्ताओं की रीडिंग का सात हजार रुपए देते हैं।
स्मार्ट मीटर करेगा बेरोजगार
प्रदेश में स्मार्ट मीटर योजना के लिए टेंडर हो गया है। अब स्मार्ट मीटर लगने के बाद रीडरों की जरूरत नहीं रहेगी, क्योंकि स्मार्ट मीटर प्रीपेड होंगे और रिचार्ज कराने पर ही बिजली मिलेगी। इसमें हर दिन की खपत के हिसाब से पैसे कटेंगे। ऐसा होने से प्रदेश के सभी रीडर बेरोजगार हो जाएंगे। यही वजह है कि रीडरों को अब चिंता होने लगी है कि उनका क्या होगा।
पांच दिनों की हड़ताल
रीडरों ने स्मार्ट मीटर का विरोध करते हुए पांच दिनों की हड़ताल कर दी है। एक से पांच मई तक हड़ताल हो रही है। अपनी मांगों काे लेकर रीडरों ने पॉवर कंपनी में अधिकारियों से मुलाकात की और स्मार्ट मीटर न लगाने की मांग की। इस पर अधिकारियों ने बताया कि इस योजना को रोकना उनके हाथ में नहीं है, क्योंकि ये केंद्र सरकार की योजना है और हर राज्य में स्मार्ट मीटर लगने हैं। रीडरों ने समय पर भुगतान करने और प्रति मीटर की रीडिंग में पैसा भी बढ़ाने की मांग की है। इन मांगों पर कंपनी ने विचार करने का आश्वासन दिया है।

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