बिजली के नए टैरिफ के लिए होगी 21-22 को जन सुनवाई

रायपुर . राज्य में नए सत्र में बिजली की कीमत में इजाफा न होना तय है, लेकिन इसके बाद भी बिजली का नया टैरिफ तय करने के लिए बिजली नियामक आयोग जनसुनवाई करेगा। छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी ने बिजली नियामक आयोग को नए सत्र 2023-24 के लिए जो लेखा-जोखा भेजा है, उस पर मंथन चल रहा है। अब आयोग ने 21 और 22 फरवरी को जनसुनवाई रखी है। दो दिनों तक सभी वर्गों के सुझाव लेने के बाद नया टैरिफ तय किया जाएगा। हालांकि इस बार छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी ने टैरिफ में बदलाव न करने की याचिका लगाई है। लेकिन आयोग को तय करना है कि टैरिफ बदला जाएगा या नहीं।
कब किसकी सुनवाई
पॉवर कंपनी ने इस बार समय पर ही पिछले साल दिसंबर में बिजली नियामक आयोग को आगामी साल के खर्च और कमाई का पूरा लेखा-जोखा देकर याचिका लगा दी है। इसके आधार पर ही आयोग जनसुनवाई करने वाला है। आयोग ने 21 फरवरी को 11.00 से 1.30 बजे तक कृषि एवं कृषि संबंधी कार्यों के उपभोक्ता, 2.30 से 3.30 बजे तक गैर घरेलू, 3.30 से 5.30 तक घरेलू उपभोक्ता, 22 फरवरी को 11.00 से 1.30 बजे तक सभी उच्च दाब उपभोक्ता, 2.30 से 3.30 बजे तक निम्न दाब उद्योग और 3.30 से 5.30 तक स्थानीय निकाय, नगर निगम और ट्रेड यूनियन को सुझाव देने बुलाया है।
फायदे के साथ पुराने घाटे का लेखा-जोखा
पॉवर कंपनी ने बिजली नियामक आयोग को जो लेखा-जोखा भेजा है, उसमें बताया गया है कि नए सत्र में 63 लाख उपभोक्ताओं को बिजली दी जाएगी। बिजली आपूर्ति करने के लिए औसत 3.71 रुपए की दर से 4083 करोड़ यूनिट बिजली की खरीदी की जाएगी। इसकी अनुमानित लागत 15179 करोड़ होगी। पॉवर कंपनी ने जहां अपना खर्च 15581 करोड़ बताया है, वहीं मिलने वाला राजस्व 19334.17 करोड़ बताया है। ऐसे में खर्च काटने के बाद कंपनी को 3763.03 करोड़ का फायदा होगा। इसी के साथ कंपनी ने यह बताया गया है कि 2021-22 के राजस्व की अंतर की राशि 6134.77 करोड़ है। ऐसे में कंपनी को 2371.73 करोड़ का राजस्व कम पड़ेगा। इतना होने के बाद भी कंपनी ने यह भी बताया है कि बिजली सप्लाई दर चालू वित्त वर्ष की तरह की 6.22 रुपए आ रही है। ऐसे में बिजली के टैरिफ में कोई भी बदलाव करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।



