फिर कई टास्क देकर लौटे भाजपा के प्रदेश प्रभारी माथुर

रायपुर. भाजपा के नए प्रदेश प्रभारी ने ओम माथुर प्रदेश में चार दिनों के दौरे में प्रदेश संगठन काे एक बार फिर से कई टास्क देकर वापस लौट गए है। अब इन टास्क की समीक्षा इसी माह 22 और 23 काे सरगुजा में होने वाली कार्यसमिति में हाेगी। वैस पिछली बैठक के टास्क अब तक पूरे नहीं हो सके हैं। इसको लेकर नाराजगी भी सामने आई है।
श्री माथुर ने राजनांदगांव में दो दिन, बालोद और रायपुर में एक-एक दिन बैठक लेकर प्रदेश संगठन के सभी नेताओं को जहां बूथों को मजबूत करने का टास्क दिया है, वहीं आंदोलन के साथ प्रदेश सरकार पर हमला भी तेज करने को कहा है। इस बार तो प्रदेश प्रभारी ने पदाधिकारियों को सेना के सामने चलने वाली टुकड़ी हरावल दस्ते की तरह हमला करने की सलाह भी दी है। प्रदेश संगठन को टास्क देने के बाद प्रदेश प्रभारी लौट गए हैं।भाजपा मिशन-2023 की तैयारी में जुटी है। ऐसे समय में भाजपा को नए प्रभारी के रूप में डी. पुरंदेश्वरी के स्थान पर दिग्गज नेता ओम माथुर मिले हैं। श्री माथुर के पास उप्र और गुजरात के साथ आधा दर्जन से ज्यादा राज्यों के चुनाव में भाजपा को जीत दिलाने का अनुभव है। ऐसे में अब उनके सामने छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार वापस लाने की चुनौती है।
बूथों को करें मजबूत
श्री माथुर ने बैठकों में सबसे बड़ा फोकस बूथों को मजबूत करने पर दिया। उन्होंने कहा, बूथों को मजबूत करने से ही जीत का रास्ता निकलेगा। इसके लिए सभी विधानसभा के प्रभारियों के साथ जिलों के प्रभारियों को अपने प्रभार वाली विधानसभा और जिलों में हर माह सात से दस दिनों तक रहने के जो निर्देश दिए गए थे। उसकी भी जानकारी बैठकों में लेकर प्रभारियों को ज्यादा से ज्यादा वक्त बूथों में देने के साथ सभी बूथों में पन्ना और पेज प्रभारी जल्द से जल्द बनाने के निर्देश दिए हैं। बची हुई नियुक्तियों को लेकर नाराजगी जताने के साथ अब हर हाल में सभी नियुक्तियों को 21 जनवरी तक पूरा करने के लिए कहा गया। इसके बाद कोई भी नियुक्ति नहीं होगी। 22 और 23 जनवरी को सरगुजा में होने वाली कार्यसमिति में दिए गए टास्क की समीक्षा की जाएगी।
युवा मोर्चा को चार मंत्र
ओम माथुर ने युवा मोर्चा को 4 मूल मंत्र दिए हैं। इसमें लोक संपर्क, लोक संग्रह,लोक संस्कार व लोक नियोजन का कार्य करना है। मतलब आम जनता से मिलकर उनके समस्याओं को सुनकर उनको साथ लेकर, उनके हित के लिए संघर्ष करना है। इसी के साथ युवाओं से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन करना है। पिछड़ा वर्ग के लिए केंद्र सरकार ने जो काम किए हैं, उनको जनता तक पहुंचाने का टास्क ओबीसी मोर्चा को दिया है।



