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प्रदेश संगठन काे कई टास्क देकर लौटे माथुर, दूसरे दौरे से पहले करने होंगे पूरे

रायपुर(realtimes) भाजपा के नए प्रदेश प्रभारी ओम माथुर ने यहां पर ने दो दिनों तक पूरे प्रदेश संगठन के साथ ही सांसदों, विधायकाें सहित सभी बड़े-छोटे नेताओं की जमकर क्लास ली और उनकाे कई टास्क देने के साथ नसीहत भी दी।  विधानसभा के साथ जिलों के प्रभारियों और सभी नेताओं को बूथों को मजबूत करने का बड़ा टास्क दिया है। इसी के साथ प्रदेश संगठन को बड़े के साथ छोटे आंदोलन पर भी फोकस करने के लिए कहा है। सभी नेताओं और प्रवक्ताओं को भाषा की मर्यादा का विशेष ध्यान रखने की नसीहत भी दी है। इसी के साथ मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायकों पर व्यक्तिगत अटैक करने के लिए कहा है। अगले प्रवास में दिए गए टास्क की समीक्षा होगी।भाजपा मिशन 2023 की तैयारी में जुटी है। ऐसे समय में भाजपा को नए प्रभारी के रूप में डी. पुरंदेश्वरी के स्थान पर दिग्गज नेता ओम माथुर मिले हैं। श्री माथुर के पास उप्र और गुजरात के साथ आधा दर्जन से ज्यादा राज्यों के चुनाव में भाजपा को जीत दिलाने का अनुभव है। ऐसे में अब उनके सामने छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार वापस लाने की चुनौती है। हालांकि यहां पर कदम रखते साथ उन्होंने यह कह दिया था कि वे छत्तीसगढ़ को चुनौती मानते ही नहीं। लेकिन इसी के साथ वे यह भी कहकर गए हैं कि हर चुनाव चाहे छोटा हो या बड़ा चुनौतीपूर्ण होता है। इसके लिए कार्यकर्ताओं को तैयार रहने के लिए कहा है।
बूथों को करें मजबूत
श्री माथुर ने बैठकों में सबसे बड़ा फोकस बूथों को मजबूत करने पर दिया। उन्होंने कहा, बूथों को मजबूत करने से ही जीत का रास्ता निकलेगा। इसके लिए सभी विधानसभा के प्रभारियों के साथ जिलों के प्रभारियों को अपने प्रभार वाली विधानसभा और जिलों में हर माह सात से दस दिनों तक रहने के निर्देश दिए हैं। श्री माथुर ने कहा है, ज्यादा से ज्यादा समय बूथों में देने से बूथ मजबूत होंगे। इसी के साथ बूथों के पन्ना प्रभारी और हर पेज के लिए समिति बनाने का काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। बची हुई नियुक्तियों को भी जल्द पूरा कहा गया है। प्रदेश प्रभारी ने बड़े आंदोलनों के साथ बूथ और मंडल स्तर पर भी स्थानीय मुद्दों को लेकर आंदोलन पर जोर दिया है। वे टाॅस्क देकर गए हैं कि हर स्तर पर आंदोलन तेज करें।
भाषा पर रखे संयम
श्री माथुर ने मीडिया विभाग के सत्र में सभी नेताओं और प्रवक्ता से साफ कहा कि आपको कम से कम अपनी भाषा पर संयम रखना है। कांग्रेस के नेता अगर मर्यादा का ध्यान नहीं रखते हैं तो इसका मलतब यह नहीं है कि हम भी वैसा ही करें। हमारी भाषा हमेशा मर्यादा में रहनी चाहिए। कांग्रेस के नेता मर्यादा पार करते हैं तो करते रहे, लेकिन हम अपनी सीमा में रहे।
व्यक्तिगत अटैक ज्यादा करें
श्री माथुर ने सभी नेताओं को एक बड़ा टास्क यह दिया है कि मीडिया में कोई बात की जाती है तो उनके निशाने पर कांग्रेस पार्टी नहीं बल्कि मुख्यमंत्री, मंत्री से लेकर विधायक होने चाहिए। पार्टी से ज्यादा व्यक्तिगत अटैक पर ध्यान देने के लिए कहा गया है।

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