भूपेश ने की ईडी काे नान घाेटाले की जांच के लिए लिखा पत्र, रमन बाेले जब भराेसा नहीं ताे पत्र क्याें लिखा - realtimes
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भूपेश ने की ईडी काे नान घाेटाले की जांच के लिए लिखा पत्र, रमन बाेले जब भराेसा नहीं ताे पत्र क्याें लिखा

रायपुर(realtimes) प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अंततः नान घोटाले की जांच के लिए ईडी काे पत्र लिखकर जांच की मांग की है। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने कहा, जब ईडी पर भरोसा नहीं है काे पत्र लिखने का मतलब क्या है। 

छत्तीसगढ़ में नागरिक आपूर्ति निगम-नान घोटाले के मामले लंबे समय से चल रहा है। जब भी राज्य में ईडी की कार्रवाई हाेती है, तब मुख्यमंत्री नान घाेटाले का उल्लेख करते हुए कहते हैं, कि इस मामले की जांच ईडी क्याें नहीं करती है। ऐसे में भाजपा के लाेग सवाल खड़ा करते हैं कि मुख्यमंत्री इस मामले में केंद्र सरकार या ईडी काे पत्र क्याें नहीं लिखते हैं, अब मुख्यमंत्री ने यह काम भी कर दिया है। 

 मुख्यमंत्री का कहना है, 2004 से 2015 के बीच हुए इस घोटाले में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कहने पर एसीबी के अधिकारियों ने आरोपियों को बचा लिया। आरोपियों के पास मिले दस्तावेजों में सीएम सर और सीएम मैडम को पैसा देने की बात दर्ज है, लेकिन उसको चार्जशीट में शामिल तक नहीं किया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसकी जानकारी देते हुए मंगलवार को बताया, प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई भी राजनीतिक दल का हो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। मैंने ईडी को आज पत्र लिखा है कि, नान घोटाले में सीएम मैडम, सीएम सर सबके नाम आए हैं। ईडी के पास पहले से ही जांच चल रही है। इसमें भ्रष्टाचार के स्पष्ट सबूत हैं। उस समय एसीबी के जांच अधिकारी ने मीडिया के सामने आकर कहा था कि पैसा उस डोमेन में गया है जहां हम जा नहीं सकते, जांच नहीं कर सकते। बहुत सारे मीडिया हाउस के पास उसकी क्लिपिंग होगी। ईडी को मैंने पत्र लिखा है आप जांच कराएं।

जाएंगे न्यायालय 

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा, अगर इस पत्र के 15 दिन बाद भी प्रवर्तन निदेशालय ईडी ने जांच शुरू नहीं की तो न्यायालय में याचिका दायर की जाएगी। 

रमन बाेले-ईडी पर भरोसा नहीं ताे पत्र क्यों लिखा  

मुख्यमंत्री के पत्र पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने पलटवार करते हुए कहा, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आखिर कब तक मुद्दों से पलट कर गुलाटी मारते रहोगे। जब भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई हो तब तो ईडी की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठाते हैं। आज उसी ईडी को पत्र लिखकर नान-चिटफंड की जांच का आग्रह कर रहे हैं। कभी तो अपनी कथनी-करनी स्पष्ट रखिए। सत्य से इतना भय क्यों है?

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