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दाल, आटे, चावल पर महंगाई की मार, खाद्य तेलों के दाम की भी बढ़ी धार

रायपुर(realtimes) त्योहारी सीजन से पहले खाद्य तेलों के साथ दाल, चावल, आटे सहित किचन के काम आने वाले सभी सामानों के दामों पर महंगाई की मार पड़ी। सबसे सस्ता बिकने वाला सोया तेल एक बार फिर से 150 से 160 रुपए हो गया है। दालों की कीमत में एक बार फिर से इजाफा होने के साथ ही जीएसटी के कारण आटा और चावल भी महंगा हो गया है। कारोबारियों ने कम से कम तेलों में दीपावली के बाद राहत की संभावना जताई थी, लेकिन दीपावली निकलने के बाद भी अब तक कीमत कम नहीं हुई है। महंगाई लगातार बढ़ने से किचन का बजट 50 फीसदी तक बढ़ गया है।
महंगाई की मार से हर वर्ग परेशान है। इसका असर गरीब और मध्यम वर्ग पर ज्यादा पड़ रहा है। महंगाई के कारण घरेलु बजट बिगड़ गया है। महंगाई में आग लगाने का काम जीएसटी ने भी किया है। लोकल ब्रांड पर लगाई गई पांच फीसदी जीएसटी के कारण आटा और चावल की कीमत में इजाफा हो गया है। काली मूछ चावल जो पहले दस किलो का पैक 480 से 500 में मिल रहा था, वह अब 550 से 570 रुपए हो गया है। अन्य चावलों की कीमत भी पांच से दस रुपए बढ़ी है। जो पांच किलो का आटा पहले 150 से 180 रुपए तक मिलता था, वह अब 160 से 200 रुपए हो गया है। इसके पीछे का कारण कारोबारी जीएसटी को बताते हैं।

मसाले भी महंगे

किचन के काम में आने वाले मसाले भी 20 से 30 फीसदी तक महंगे हो गए हैं। जो धनिया पाउडर पहले 150 रुपए किलो में मिल जाता था, वह 200 से 220 रुपए हो गया है। हल्दी, कश्मीरी मिर्च, जीरा, काली मिर्च, अजवाइन, मैथी, इलायची, इलायचा, दालचीनी, तेजपत्ता से से लेकर सभी मसाले महंगे हो गए हैं। मैदा जो पहले 40 रुपए किलो था, वह 50 से 60 रुपए, बेसन पहले 80 रुपए किलो था, वह अब सौ रुपए हो गया है।
दालों की कीमत में फिर इजाफा
दालों की कीमत में दो माह पहले बड़ी राहत मिली थी। सभी तरह की दालें सौ रुपए के अंदर हो गई थी, लेकिन एक बार फिर से दालों की कीमत में इजाफा हो गया है। हालांकि इसके पीछे का कारण जीएसटी नहीं है। राहर दाल की कीमत चिल्हर में 120 से 125 रुपए हो गई है। वहीं मूंग दाल 120 रुपए हो गई है। चना दाल चिल्हर में 80 रुपए, उड़द दाल 120 रुपए, देशी चना चिल्हर में 60 से 70 रुपए, काबुली चना चिल्हर में 110 से 120 रुपए में मिल रहा है।
तेलों की कीमत फिर आग
तेलों की कीमत में दीपावली के ठीक पहले आग लगी है जो अब तक शांत नहीं हुई है। सबसे ज्यादा आग तो सोया तेलों में लगी है। यह तो थोक में 110 से 115 रुपए और चिल्हर में 125 से 130 रुपए हो गया था, लेकिन अब यह थोक में ही 135 से 140 रुपए और चिल्हर में 150 से 160 रुपए हो गया है। सरसों तेल अच्छी क्वालिटी का थोक में 160-170 रुपए और चिल्हर में 180 से 190 रुपए हो गया है। फल्ली तेल सहित अन्य तेलों में पांच से दस रुपए कीमत बढ़ी है।

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