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RBI के नए क्रेडिट कार्ड नियम कल से होंगे जारी, जाने सभी बातें

30 सितंबर 2022 तक भारतीय रिजर्व बैंक के एक निर्देश के अनुसार ऑनलाइन इन-ऐप और पॉइंट-ऑफ़-सेल लेनदेन के लिए उपयोग किए जाने वाले सभी क्रेडिट और डेबिट कार्ड डेटा को अद्वितीय टोकन द्वारा प्रतिस्थापित किया जाना चाहिए।

अप्रैल 2022 में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने क्रेडिट और डेबिट कार्ड जारी करने के लिए नए दिशानिर्देश प्रकाशित किए। इन नए विनियमों में क्रेडिट कार्ड रद्दीकरण, बिलिंग आदि पर नए प्रतिबंध शामिल हैं। तीन नए क्रेडिट कार्ड नियम निम्नलिखित हैं।

ब्याज की दर
क्रेडिट कार्ड पर ब्याज की वसूली/चक्रवृद्धि के लिए अनपैड चार्ज/लेवी/टैक्स नहीं होगा। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के सर्कुलर के अनुसार अनपेड चार्ज/लेवी/करों को कंपाउंडिंग ब्याज के लिहाज से कैपिटलाइज नहीं किया जा सकेगा। ऐसा इसलिए कि क्रेडिट कार्ड के ब्याज के जाल में ग्राहक ना फंसे। अब कंपनियां 1 अक्टूबर से कंपाउंडिंग ब्याज बिलों पर नहीं लगा पाएंगी।

कार्ड जारीकर्ता एक ओटीपी की जांच करेंगे

यदि उपभोक्ता ने जारी करने की तारीख से 30 दिनों से अधिक समय में ऐसा नहीं किया है तो कार्ड जारीकर्ता को क्रेडिट कार्ड सक्रिय करने से पहले कार्डधारक से वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) आधारित सहमति मांगनी चाहिए। यदि इसके लिए अनुरोध करने के सात कार्य दिवसों के भीतर अनुमति नहीं दी जाती है, तो कार्ड जारीकर्ताओं को ग्राहक को किसी भी शुल्क का आकलन किए बिना क्रेडिट कार्ड खातों को निष्क्रिय करना होगा।

क्रेडिट सीमा की स्वीकृति
कार्ड जारीकर्ताओं के अनुसार, कार्डधारक की सहमति के बिना स्वीकृत और कार्डधारक को सूचित की गई क्रेडिट सीमा को कभी भी पार नहीं किया जाना चाहिए।

जाने कैसे करें अपने क्रेडिट/डेबिट कार्ड का टोकनाइजेशन

  • सबसे पहले किसी ई-कॉमर्स वेबसाइट या ऐप को ओपन करें। अब कोई सामान खरीदने के लिए सेलेक्ट करें और पेमेंट ऑप्शन को शुरू करें।
  • चेक आउट करते समय पहले से सेव्ड डेबिट या क्रेडिट कार्ड की जानकारियां भरें।
  • अब आपको 'सिक्योर योर कार्ड ऐज पर आरबीआई गाइडलाइंस' या 'टोकनाइज योर कार्ड ऐज पर आरबीआई गाइडलाइंस' का ऑप्शन मिलेगा। इस ऑप्शन को चुन लें।
  • अब आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल पर ओटीपी आएगा। ओटीपी सबमिट करें और ट्रांजेक्शन को कंप्लीट करें।
  • यहीं पर आपको जेनरेट टोकन का ऑप्शन आएगा। इसे सेलेक्ट करें। इतना करते ही टोकन जेनरेट हो जाएगा और आपके कार्ड की जानकारियों के बजाय टोकन उक्त वेबसाइट/ऐप पर सेव हो जाएगा,
  • अब जब आप दोबारा उसी वेबसाइट या ऐप पर जाएंगे तो आपको सेव्ड टोकन वाले कार्ड के आखिरी चार डिजिट दिखेंगे। यह चार डिजिट इस कारण दिखता है कि आपको पेमेंट करते समय अपने पसंदीदा कार्ड का चयन करने में सहूलियत हो।

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