State

कौशिक ने बिजली दरों की बढ़ोतरी को लेकर राज्य सरकार पर कसा तंज

रायपुर(realtimes) श्री कौशिक ने कहा कि कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार में पूरे प्रदेश को अंधकारमय कर दिया है, जिससे लोगों को लालटेन लेकर रहना पड़ रहा हैं। आज प्रदेश की जनता बिजली की समस्या से परेशान होकर दर-दर भटक रहें हैं। गंगाजल हाथ में लेकर झूठी कसम खाकर गंगा मैया का अपमान करने वाली छत्तीसगढ़ कांग्रेंस की वादाखिलाफी सरकार बिजली बिल-हाफ का वादा करके प्रदेश की जनता से छल एवं प्रपंच करने का कार्य किया है। उन्होनें कहा कि सत्ता में आने से पहले बिजली बिल-हाफ करने के बड़े-बड़े वादे किये थें, परन्तु सत्ता में आने के बाद प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने अब तक चार बार बिजली दरों में बढ़ोतरी की है। श्री कौशिक ने कहा कि 5 महीना पहले ही बिजली की दरों में 12 से 15 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली दरों में वृद्धि की थी, हाल ही में 30 पैसे प्रति यूनिट की दर में वृद्धि की है और भूपेश बघेल सरकार इस प्रकार प्रदेशवासियों को बिजली दरों का बड़ा झटका दें कर महंगाई के बोझ को बढ़ाये जा रही है। उन्होनें कहा कि भूपेश बघेल के प्रदेश हित में सही निर्णय न ले पाने एवं उनकी कुनीतियों से प्रदेश आज कर्ज के बोझ में पूर्णरूप से डूब चुका हैं, और हमार छत्तीसगढ़ प्रदेश की आर्थिक स्थिति को गर्त में पहुंचाने का कार्य ये कांग्रेस की सरकार नें अंजाम दिया है। जिससे आज प्रदेश में बिजली विभाग मेंटेनेंश के नाम पर शुन्य हो गया। उन्होंने कहा कि बिजली व्यवस्था के नाम पर ग्रामीण क्षेत्रों की हालात बद से बदतर हो गयी है, कहीं बिना कारण दिन-दिन-भर बिजली बंद हो रही है, तो कहीं बिजली के नाम पर 50-50 हजार के बिल दे रहे हैं और हालत इतने खराब हो गए है कि जो ट्रांसफार्मर खराब हो जा रहे है विभाग उन ट्रांसफार्मरों की मरमम्त/सुधार का कार्य भी नहीं करा पा रहा हैं। इसके साथ ही स्ट्रीट लाईट की बाद करें तो कई सड़कों मे बिजली के खंबे लगें उनमें लाईट गायब तो कही तार गायब है। उन्हानें कहा की 4 वर्ष में भूपेश सरकार ने प्रदेश को उजाले से अंधकार की ओर धकेल दिया है, ध्वस्त बिजली व्यवस्था, अघोषित बिजली कटौती से भूपेश बघेल कांग्रेस सरकार से पूरे प्रदेश का हर वर्ग परेशान और हलाकान हो गया हैं और कांग्रेस सरकार हटाओं प्रदेश बचाओं का नारा जन समान्य का नारा हो गया हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button