
रायपुर। लाइफ टाइम में पहली बार साेना छत्तीसगढ़ के इतिहास में 63 हजारी की दहलीज पर पहुंच गया था, संभावना जताई जा रही थी कि अब साेने के भाव कम नहीं होंगे और कीमत 65 हजार तक जाएगी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कुछ ऐसा हुआ कि अब साेना वापस लुढ़कने लगा है और सोना अब वापस 60 हजारी हो गया है। इसी के साथ चांदी की खुमारी भी उतर गई है। चांदी की कीमत 69 हजार से भी कम हो गई है। चांदी की कीमत पखवाड़े भर में 46 सौ रुपए कम हो गई है। इसी तरह से 40 दिनों में सोना तीन हजार रुपए कम हुआ है। कीमत कम होने का कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार है। कीमत कम होने से सराफा बाजार की रौनक और बढ़ गई है। निवेश के लिए लोग सोना खरीद रहे हैं। सोने काे निवेश के लिए सबसे बेहतर माना जाता है।
सोने की कीमत पिछले माह से लगातार बढ़ रही थी। 20 मई को कीमत रिकॉर्ड जीएसटी के साथ 62900 हो गई थी। संभावना जताई जा रही थी कि इस बार कीमत 65 हजार तक जाएगी, लेकिन इसके विपरीत कीमत में गिरावट का क्रम प्रारंभ हो गया। 7 जून को कीमत 62 हजार पर आ गई। इसके बाद से कीमत में लगातार कमी होती जा रही है। एक जुलाई को बंद हुए बाजार में कीमत 60 हजार हो गई। इसके एक दिन पहले कीमत दो सौ रुपए और कम थी। अब कीमत में ज्यादा इजाफा होने की संभावना कम है।
चांदी की कीमत ऐसे लुढ़की
चांदी कीमत एक माह पहले 20 मई को 74 हजार रुपए किलो थी। वहीं 16 जून काे कीमत 73500 रुपए थी। लेकिन अब कीमत 68900 हो गई है। पखवाड़े भर में कीमत 46 सौ रुपए कम हो गई है। इसमें से 36 सौ रुपए कीमत तो चार दिनों में कम हुई है।
सात माह में सोना 13 हजार हुआ था महंगा
इसके पहले सोने की कीमत करीब सात माह में 12 हजार नौ सौ रुपए बढ़ी थी। पिछले साल धनतेरस और पुष्य नक्षत्र और दीपावली के समय राजधानी रायपुर में सोने की कीमत 50 हजार दो सौ रुपए थी, जो मई में 62 हजार 900 रुपए हो गई थी। कारोबारियों के मुताबिक पहले कभी इतने कम समय में इतनी ज्यादा कीमत नहीं बढ़ी थी। पिछले साल तो ज्यादातर समय कीमत 50 हजार के आस-पास ही रही है। इस साल कीमत में लगातार इजाफा होने से पहले कीमत 55 हजार के पार हुई। इसके बाद देश में सोना पहली बार इस साल 60 हजारी हुआ और इसके बाद सोना 63 हजारी की राह पर चला लेकिन 63 हजारी बनने से पहले ही सोना वापस अब 60 हजारी हो गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
सराफा कारोबारी हरख मालू का कहना है सोने और चांदी की कीमत में कमी का कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत कम होने के कारण यहां पर इसका असर दिख रहा है। कीमत कम होने से सराफा बाजार में लगातार खरीदारी में इजाफा हो रहा है। निवेश करने वाले जमकर खरीदारी कर रहे हैं।



