5जी के लिए लगी 1.5 लाख करोड़ की बोली

नयी दिल्ली, 1 अगस्त (एजेंसी)
देश में पांचवीं पीढ़ी (5जी) के स्पेक्ट्रम की नीलामी में सोमवार को रिलायंस जियो सबसे बड़ी बोलीदाता के रूप में उभरी। कंपनी ने 88,078 करोड़ रुपये की बोली के साथ नीलामी में बिके कुल स्पेक्ट्रम में से करीब आधा हिस्सा हासिल किया है। दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार कुल मिलाकर 1,50,173 करोड़ रुपये की बोलियां प्राप्त हुईं।
अडाणी समूह ने 212 करोड़ रुपये में 400 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम खरीदा है। अडाणी समूह ने 26 मेगाहर्ट्ज बैंड में स्पेक्ट्रम खरीदा, जो सार्वजनिक नेटवर्क नहीं है। जबकि जियो ने उम्दा माने जाने वाले 700 मेगाहर्ट्ज बैंड समेत विभिन्न बैंड में स्पेक्ट्रम खरीदा है। यह 6-10 किमी ‘सिग्नल’ दायरा प्रदान कर सकता है और देश में सभी 22 सर्किल में पांचवीं पीढ़ी के लिए एक अच्छा आधार बनाता है। अगर 700 मेगाहर्ट्ज बैंड का उपयोग किया जाता है, तो एक टावर ही काफी क्षेत्र को कवर कर सकता है।
दूरसंचार क्षेत्र के दिग्गज सुनील मित्तल की भारती एयरटेल ने 43,084 करोड़ रुपये में 19,867 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम खरीदा है। वहीं वोडाफोन आइडिया ने 18,784 करोड़ रुपये का स्पेक्ट्रम खरीदा है।
अक्तूबर में शुरू हो सकती है सेवा
सरकार कुल 10 बैंड में पेश किए गए 72,098 मेगाहर्ट्ज में से 51,236 मेगाहर्ट्ज या 71 प्रतिशत स्पेक्ट्रम बेच पाई है। उन्होंने कहा कि सरकार पहले साल में स्पेक्ट्रम मद में 13,365 करोड़ रुपये प्राप्त करेगी। दूरसंचार मंत्री ने कहा कि 5जी सेवाएं अक्तूबर तक शुरू की जा सकती हैं।
4जी से दोगुना दाम इस नीलामी में लगी बोलियां पिछले साल बेचे गए 77,815 करोड़ रुपये के 4जी स्पेक्ट्रम से लगभग दोगुना, जबकि 2010 में 3जी नीलामी से मिले 50,968.37 करोड़ रुपये के मुकाबले तीन गुना हैं।
पिछले साल हुई नीलामी में रिलायंस जियो ने 57,122.65 करोड़ रुपये का स्पेक्ट्रम लिया था। भारती एयरटेल ने लगभग 18,699 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी और वोडाफोन आइडिया ने 1,993.40 करोड़ रुपये का स्पेक्ट्रम खरीदा था।



