भारत-ब्रिटेन के बीच हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट

- कहा- एफटीए सिर्फ आर्थिक लेन-देन नहीं, साझा समृद्धि का खाका
- अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी दोनों देशों ने समान सोच जाहिर की
नई दिल्ली। भारत और ब्रिटेन के बीच गुरुवार को मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) हो गया। इससे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नई गति मिलेगी। समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार में लगभग 34 अरब डॉलर सालाना वृद्धि की संभावना है। समझौते से भारतीय उत्पादों को ब्रिटेन में बेहतर बाजार मिलेगा और दूसरी ओर भारतीय उपभोक्ताओं को ब्रिटेन के उत्पाद सस्ती दरों पर उपलब्ध होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्विपक्षीय संबंधों को विस्तार देने के लिए ब्रिटेन की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य ऐतिहासिक भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते को औपचारिक रूप देना था।
प्रधानमंत्री मोदी ने आज लंदन के चेकर्स एस्टेट में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने वार्ता से विजन 2035 के माध्यम से शिक्षा, रक्षा, तकनीक और जलवायु जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक साझेदारी को नई दिशा मिली है। बाद में संयुक्त रूप से दिए वक्तव्य में दोनों देशों ने आतंकवाद, लोकतांत्रिक मूल्यों और वैश्विक शांति पर समान दृष्टिकोण भी साझा किए। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ब्रिटिश समकक्ष कीर स्टार्मर के साथ संयुक्त वक्तव्य में कहा कि भारत और ब्रिटेन के संबंधों में यह एक ऐतिहासिक दिन है। वर्षों की कठिन मेहनत के बाद दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते पर सहमति बनी है। यह समझौता केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि साझा समृद्धि की दिशा में एक ठोस कदम है।
उन्होंने कहा, यह समझौता सिर्फ आर्थिक लेन-देन नहीं, बल्कि साझा समृद्धि का खाका है। वर्षों की मेहनत के बाद हुआ यह करार, लगभग 34 अरब डॉलर वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस समझौते से भारतीय वस्त्र, जूते-चप्पल, रत्न एवं आभूषण, समुद्री खाद्य पदार्थ और इंजीनियरिंग वस्तुओं को ब्रिटेन के बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी। साथ ही कृषि उत्पादों और प्रोसेस्ड फूड इंडस्ट्री के लिए नए अवसर सृजित होंगे। भारत के युवाओं, किसानों, मछुआरों और एमएसएमई क्षेत्र को इससे विशेष लाभ मिलेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने वक्तव्य में विजन 2035 का भी उल्लेख किया। इससे तकनीक, रक्षा, जलवायु, शिक्षा और जन-से-जन संपर्क जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग का रोडमैप तैयार होगा। उन्होंने बताया कि ब्रिटेन के छह विश्वविद्यालय भारत में कैंपस खोल रहे हैं, जिनमें से साउथ हैम्पटन यूनिवर्सिटी का गुरुग्राम में उद्घाटन हो चुका है। अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी दोनों देशों ने समान सोच जाहिर की। प्रधानमंत्री मोदी ने इंडो-पैसिफिक में शांति और स्थिरता, यूक्रेन संकट और पश्चिम एशिया की स्थिति पर संवाद जारी रखने की बात कही। उन्होंने पहलगाम हमले की निंदा के लिए ब्रिटेन सरकार का आभार व्यक्त किया और दोहराया कि आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में दोहरे मापदंड अस्वीकार्य हैं।



