सभी पोस्टपेड कनेक्शन हो जाएंगे प्रीपेड, रिचार्ज कराने पर ही मिलेगी बिजली

रायपुर. प्रदेश में आने वाले समय में जल्द ही मोबाइल की तर्ज पर ही बिजली का उपयोग करना संभव हाेगा। सभी बिजली उपभोक्ताओं के पोस्टपेड कनेक्शन स्मार्ट मीटर लगने के साथ ही प्रीपेड हो जाएंगे। इसमें हर माह बिजली का उपयोग करने से पहले मोबाइल की तरह ही पहले से खपत के हिसाब से रिचार्ज कराना होगा। रोज खपत के हिसाब से पैसे कटेंगे। लेकिन बिजली बिल हॉफ योजना का घरेलू उपभोक्ताओं को लाभ मिलना बंद नहीं होगा। एचटी वर्ग में प्रीपेड संभव न होने पर इस वर्ग को अलग रखा जाएगा।
केंद्र सरकार की स्मार्ट मीटर योजना में अब प्रदेश के सभी वर्ग के बिजली उपभोक्ताओं के पुराने मीटरों को बदला जाना तय हो गया है। इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनी ने टेंडर भी कर दिया है। इसकी सारी प्रक्रिया इस माह पूरी कर ली जाएगी। संभावना है अगले माह से सबसे पहले सरकारी दफ्तरों में नए मीटर लगने प्रारंभ हो जाएंगे। इसी के साथ सभी घरेलू उपभोक्ता, व्यापारिक संस्थान और सभी एलटी वर्ग के उपभोक्ताओं के मीटर बदले जाएंगे। कृषि पंपों को योजना से अलग रखा गया है।
पोस्टपेड कनेक्शन होंगे बंद
स्मार्ट मीटर लगने के साथ ही एलटी वर्ग के सभी उपभोक्ताओं के अब तक चल रहे पोस्टपेड कनेक्शन समाप्त हो जाएंगे। इनके स्थान पर सभी कनेक्शन प्रीपैड हो जाएंगे। इसके लिए सभी उपभोक्ताओं को मोबाइल की तर्ज पर बिजली का उपयोग करने से पहले कूपन लेकर रिचार्ज कराना होगा। रिचार्ज किए बिना बिजली का उपयोग करना संभव नहीं होगा।
अलग-अलग कीमत के होंगे रिचार्ज कूपन
पवर कंपनी जिस कंपनी को मीटर लगाने का काम देगी, वही कंपनी रिचार्ज कूपन भी प्रकाशित करेगी। इसी के साथ मोबाइल की तरह डिजिटल रिचार्ज की भी सुविधा मिलेगी। उपभोक्ता को अपनी खपत के हिसाब से रिचार्ज करना होगा। जिनको लगेगा कि उनकी खपत एक माह में पांच सौ होती है तो वे उतने का रिचार्ज करा सकेंगे। जिनकी खपत ज्यादा होगी, वे ज्यादा का रिचार्ज करा सकेंगे। उपभोक्ता चाहेंगे तो एक से ज्यादा माह के लिए भी रिचार्ज करा सकेंगे, ताकि उनकी बिजली कट होने का खतरा न रहे।
मिलेगा बिजली बिल हॉफ का फायदा
उपभोक्ताओं के कनेक्शन भले प्रीपेड हो जाएंगे, लेकिन घरेलू वर्ग के उपभोक्ताओं को प्रदेश सरकार की योजना के मुताबिक 400 यूनिट तक बिजली बिल हॉफ योजना का फायदा मिलेगा। इसके लिए क्या व्यवस्था होगी इसको लेकर मंथन चल रहा है। संभावना यही है कि रोज के हिसाब से जब पैसे कटेंगे तो 400 यूनिट तक ये पैसे आधे ही कटेंगे।



