खास खबर: तेलंगाना 15 सौ करोड़ के और बकाया पर फिर करेगा पॉवर कंपनी से आमने-सामने बात

रायपुर(realtimes) तेलंगाना बिजली कंपनी काे केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने जमकर फटकार लगाई है। मामला यह है कि 15 साै करोड़ का और बकाया न देने के कारण अब छत्तीसगढ़ राज्य पावर कंपनी ने तेलंगाना से अपना बकाया वसूलने के लिए दिल्ली में दावा कर दिया है। इसके बाद केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने तेलंगाना और छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी के अधिकारियों को बुलाकर आमने-सामने बैठकर बात की। तेलंगाना से कहा गया जो भी मामला है आपस में बैठकर तय कर लें, अगर बकाया प्राप्ति पोर्टल में अपलोड हो गया तो बकाया देना ही पड़ेगा। ऐसे में अब तेलंगाना ने अपने अधिकारियों को रायपुर भेजकर बकाया पर एक बार फिर से आमने-सामने बात करने का फैसला किया है। तेलंगाना की टीम इस माह के पहले ही सप्ताह में आएगी और यहां पर बैठक करके मामला सुलझाया जाएगा।
तेलंगाना पर कई सालों से 36 सौ करोड़ का बकाया है। पहले तेलंगाना ने इस बकाया में से 15 सौ करोड़ का ही बकाया माना, लेकिन बाद में तेलंगाना ने छह सौ करोड़ का और बकाया मान लिया। ऐसे में 21 सौ करोड़ का बकाया तो मान लिया गया लेकिन 15 सौ करोड़ के बकाया पर पेंच फंसा रहा।
दस्तावेज भी दिए तेलंगाना को
मामला सुलझाने के लिए एक बार दोनों कंपनियों ने आमने-सामने बैठकर पिछले साल बात की है। जब आमने-सामने बात हुई तो तेलंगाना ने सात पैसे प्रति यूनिट ट्रेडिंग शुल्क पर बड़ी आपत्ति जताई। इसका कुल शुल्क सवा सौ करोड़ होता है। इसी के साथ स्टार्टअप पॉवर शुल्क, एसएलडीसी, पानी, वीसीए और एफसीए शुल्क के दस्तावेज मांगे कि इस पर क्या खर्च किया गया है। इसके बाद पॉवर कंपनी ने तेलंगाना को सारे दस्तावेज भी उपलब्ध करा दिए हैं। इसके बाद भी वहां से बकाया को लेकर कोई बात नहीं हुई तो पॉवर कंपनी ने केंद्र सरकार का रुख किया।
केंद्र सरकार को भेजी जानकारी
छत्तीसगढ़ राज्य पाॅवर कंपनी भी चाहती है कि बकाया का मामला सुलझ जाए और तेलंगाना को जो भी आपत्ति है उसका शुल्क काटकर जो बकाया वह मान रही है, उस पर सहमति बने और मामला समाप्त हो। लेकिन जब तेलंगाना की तरफ से किसी भी तरह की पहल नहीं हुई तो अपना बकाया लेने के लिए अब छत्तीसगढ़ राज्य कंपनी ने केंद्र सरकार में दावा किया है। ऐसा होने पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय से तेलंगाना के अधिकारियों को बुलाकर साफ-साफ कहा है जब सारे दस्तावेज दे दिए गए हैं तो फिर मामला क्यों नहीं सुलझाया जा रहा है। तेलंगाना ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय से एक माह का समय मामला सुलझाने के लिए मांगा है। अब वहां की टीम यहां आकर फाइनल फैसला करेगी। अगर मामला नहीं सुलझा तो यह तय है कि केंद्रीय मंत्रालय बकाया को प्राप्ति पोर्टल में अपलोड कर देगा, ऐसे में तेलंगाना को पूरा बकाया देना पड़ेगा।



