दुर्ग ने लोकसभा में कांग्रेस को दिए चार प्रत्याशी

रायपुर(realtimes) इस बार के लोकसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ कांग्रेस को दुर्ग जिले ने बड़ा सहारा दिया है। दरअसल राज्य की 11 सीटों के लिए कांग्रेस के पास प्रत्याशियों की कमी रही और इसे पूरा करने का काम दुर्ग जिले ने दिया है। इस लिहाज से देखा जाए तो लोकसभा चुनाव में दुर्ग जिला कांग्रेस की प्रतिष्ठा पर अब तक का सबसे बड़ा दांव लगा है। इस जिले से आने वाले चार कांग्रेस नेता लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी बनाए गए हैं।
ये हैं चार कांग्रेसी प्रत्याशी
कांग्रेस की राजनीति में दुर्ग जिले का प्रतिनिधित्व करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राजनांदगांव जिले की राजनांदगांव सीट से प्रत्याशी बनाए गए हैं। दुर्ग ग्रामीण विधानसभा सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ने वाले पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू महासमुंद लोकसभा सीट से प्रत्याशी है। दुर्ग लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी दुर्ग सीट से ही प्रत्याशी है, अगले क्रम में भिलाई नगर के विधायक देवेंद्र यादव को बिलासपुर लोकसभा से प्रत्याशी बनाया गया है। यादव की बिलासपुर से उम्मीदवारी चौंकाने वाली है। सामान्य ताैर पर देखा जाए तो यह अजीब लगता है कि भिलाई के विधायक को बिलासपुर से प्रत्याशी बनाया गया है। हालांकि यह भी संयोग ही है कि भिलाई की पूर्व विधायक और दुर्ग से लोकसभा चुनाव जीत चुकी भाजपा नेत्री सरोज पांडेय को भाजपा ने कोरबा से मैदान में उतारा है।
बिलासपुर में क्यों स्थानीय क्यों नहीं
बिलासपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस को स्थानीय प्रत्याशी क्यों नहीं मिला। ये एक बड़ा सवाल है। सूत्रों के अनुसार पार्टी ने इस सीट से पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव को मैदान में उतरने के लिए मनाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। इस सीट भाजपा ने ओबीसी प्रत्याशी तोखन साहू को मैदान में उतारा है। बिलासपुर में पार्टी की किसी साहू प्रत्याशी को भी उतार सकती थी, लेकिन यह नहीं हो सका। उधर महासमुंद सीट से भाजपा ने ओबीसी में गैर साहू समाज की प्रत्याशी रूप कुमारी चौधरी को उतारा है। जबकि यह सीट साहू बहुल मानी जाती है। पूर्व में भी यहां से साहू प्रत्याशी जीतते रहे हैं। कांग्रेस ने इसी बात को ध्यान में रखते हुए साहू समाज से आने वाले वरिष्ठ नेता ताम्रध्वज साहू पर दांव लगाया है। कांग्रेस को उम्मीद है कि अगर साहू समाज ने साथ दिया तो ताम्रध्वज जीत जाएंगे। बहरहाल कांग्रेस ने इस बार लोकसभा चुनाव में सबसे अधिक दांव दुर्ग जिले के अपने नेताओं पर लगाया है। देखना दिलचस्प होगा कि यहां के काैन से नेता दूसरे जिलों में जाकर कांग्रेस को जीत दिला पाते हैं।



