रमन बोले- अब एनआईए पर भरोसा कैसे जता रही है भूपेश सरकार

रायपुर। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा, भाजपा नेताओं की हत्या को लेकर छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक ने एनआईए को पत्र लिखकर जांच करने की मांग की है। डा. रमन ने सवाल खड़ा करते हुए कहा, झीरम घाटी हत्याकांड का जांच जब एनआईए कर रही थी, तब तो भूपेश सरकार को भरोसा नहीं था, आज अचानक केंद्र सरकार की एजेंसी पर भरोसा कैसे हो गया है।
डा. रमन ने अपने निवास में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा, आज भूपेश सरकार बस्तर में भाजपा के नेताओं की हत्या से पल्ला झाड़ने के लिए एनआईए को पत्र लिखकर उन पर विश्वसनीयता भी जता रही है और उनसे जांच की मांग भी कर रही है। पिछले एक माह में भाजपा के 4 नेताओं की हत्या हुई है। प्रमुख नेताओं को टारगेट करके उनकी हत्या की जा रही है। उन्होंने कहा, पूरे प्रदेश और बस्तर में भाजपा की गतिविधियां बढ़ी हैं और लगातार हो रहे आंदोलन से कांग्रेस में बौखलाहट है और यह एक तरह का षड्यंत्र का हिस्सा प्रतीत होता है, जिससे भाजपा के कार्यकर्ताओं के मन में भय उत्पन्न कर दिया जाए ताकि वह बस्तर में भ्रमण ना कर सकें और सड़क पर उतर कर कार्य न कर सकें। यह पूरा परिदृश्य चुनाव को प्रभावित करने के लिए साजिश का हिस्सा लग रहा है।
अब मरकाम को कर रहे किनारे
डॉ रमन ने कहा, आज प्रदेश में 16 लाख आवास नहीं बन पाए हैं, केंद्र की मोदी सरकार आवास और जल जीवन मिशन जैसी योजनाएं लागू करती है लेकिन भूपेश बघेल राज्यांश से पीछे हटकर इन योजनाओं का लाभ आम जनता को मिलने नहीं दे रही है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन पर उन्होंने कहा कि भूपेश सरकार की लूट और कांग्रेस के अंदर की फूट इस अधिवेशन में सामने आ गई है। प्रदेश अध्यक्ष और आदिवासी नेता मोहन मरकाम की फोटो बाद में पोस्टर में चिपकाकर भूपेश बघेल ने बता दिया है कि कांग्रेस में आदिवासी नेताओं का कितना सम्मान है। पहले टीएस सिंह देव को किनारे किया गया और अब मोहन मरकाम को किनारे करके अधिवेशन में यह दिखाने की कोशिश की जा रही है छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के अलावा कांग्रेस में कोई दूसरा नेता नहीं है।



