रमन बाेले- पंजा छाप अधिकारी संभल जाएं, नहीं ताे भुगतना पड़ेगा

रायपुर(realtimes) प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि शायद हिंदुस्तान के इतिहास में पहली बार हुआ होगा कि किसी जिले में सीटिंग कलेक्टर के घर पर ईडी की रेड हुई और शासकीय आवास को सील करने की कार्यवाही की गई हो।
इस घटना के बाद छत्तीसगढ़ न केवल देश और दुनिया के सामने शर्मसार हुआ है बल्कि छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया कहलाने वाले छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार का नया झंडा गाढ़ा जा रहा है हमने कभी कल्पना नहीं किया था कि चालीस-चालीस घरों में ईडी छापा मारेगी।
उन्होंने कहा कि कोयले के ऊपर से अवैध वसूली वर्षों से हो रही है। जिसकी कीमत कई हजार करोड़ होगी जो इस कदर खुलेआम हो रहा है कि कोरबा के पान ठेले वाले से कलेक्टर तक सब जानते हैं कि पैसा कौन लेता है और कहां जाता है अब भूपेश टैक्स के काली कमाई की पोल खुलने लगी है सब सच सामने आएगा प्रक्रिया चल रही है, इसके अलावा कांग्रेस की तरफदारी करने वाले अधिकारियों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि अब भी वक्त है पंजा छाप अधिकारी संभल जाएं, यदि भ्रष्टाचार में लिप्त रहोगे तो कहीं भी बचने वाले नहीं हो। आप ईमानदारी से काम करिए ज्यादा समय नहीं है 1 साल का समय बाकी है आज का हश्र देखकर सावधान हो जाए।
उन्होंने कहा कि जब आईडी की रेड पड़ी तब से वह (भूपेश बघेल) बोल रहे हैं कि ईडी आएगी जब इस दिन का इंतजार था तो अब घबरा क्यों रहे हैं इस सरकार के पास छत्तीसगढ़ का विकास करने के लिए पैसे नहीं है लेकिन वसूली करके असम, यूपी आदि जगह के चुनाव में भेजने के लिए पर्याप्त पैसे हैं। आज तो यह शुरुआत है आने वाले समय में जब एक-एक तथ्य सामने आएंगे यह सरकार जनता को जवाब देने योग्य नहीं रहेगी।सड़कों को लेकर उन्होंने कहा कि पहली बार इतिहास में ऐसा हुआ है कि कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में की गई 2 घंटे की चर्चा में सड़क के निर्माण की चर्चा नहीं हुई बल्कि उसमें से डेढ़ घंटे सिर्फ गड्ढों पर चर्चा होती रही जबकि ये गड्ढे सवा साल, डेढ़ साल में भरने वाले नहीं है।
सीएम भूपेश बघेल द्वारा पाटन विधानसभा में पुरे बस्तर और सरगुजा से भी ज्यादा खर्च करने पर उन्होंने कहा कि जब लगभग 1700 करोड़ की राशि पाटन में देंगे तो बाकी छत्तीसगढ़ तो पूछेगा कि हमारी सड़कों के गड्ढे क्यों नहीं भरे गए, इसके साथ ही गौठान तथा गोधन न्याय योजना की बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस शासन व्यवस्था में आवास और शराब की तरह ही गौठान और गोबर एक बड़ी समस्या है इसकी पोल भी हम जल्द ही आंकड़ों तथा प्रामाणिकता के साथ खोलेंगे हम तो लड़ाई लड़ रहे हैं और अब जनता भी तैयार हो चुकी है और जनता के मन में भीषण आक्रोश है।



