
साफ कि कर्मचारी, शिक्षक, पेंशनर पिछले एक साल से महंगाई की मार झेल रहे हैं लेकिन सरकार द्वारा शासनादेश जारी न होने से भुगतान नहीं हो रहा है। यूपी कर्मचारी एवं शिक्षक समन्वय समिति की यूपी सरकार को चिट्ठी इसी कड़ी में है। समिति का आरोप है कि पहले भी पत्र लिखे गए लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
समन्वय समिति ने योगी सरकार पर आरोप लगाया है कि चुनाव के दौरान चूंकि कर्मचारी संगठन के सेवानिवृत्त पदाधिकारी ने विरोधी पार्टी से चुनाव लड़ा था, इसी की सजा सरकार प्रदेश के सभी कर्मचारियों को किस्त का भुगतान ना करके दी जा रही है।


