भाजपा को सत्ता में लाने आरएसएस मैदान में, बैठक में होगा मिशन 2023 पर मंथन

रायपुर. प्रदेश में भाजपा काे सत्ता में वापस लाने के लिए पहली बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मैदान में उतर रहा है। उसकी किसी बैठक में आम तौर पर किसी चुनाव को लेकर चर्चा नहीं होती है, लेकिन पहली बार राजधानी रायपुर में आरएसएस की समन्वय समिति की 8 अप्रैल को रोहणीपुरम में होने वाली बैठक में मिशन 2023 पर मंथन होगा। इस बैठक में शामिल होने के लिए ही भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के साथ ही राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश और प्रदेश प्रभारी ओम माथुर भी आ रहे हैं। इस बैठक को एक तरह से गुप्त रखा गया है और इसकी जानकारी नहीं दी जा रही है।
प्रदेश में इस साल विधानसभा के चुनाव होने हैं, इसको लेकर भाजपा की जो तैयारी है, उसको लेकर आरएसएस संतुष्ट नहीं है। ऐसे में यहां पर होने वाली आरएसएस की प्रदेश की समन्वय समिति की बैठक में चुनाव को लेकर भी चर्चा करने की तैयारी है। इसके बारे में आरएसएस के पदाधिकारी खुलकर कुछ नहीं बोल रहे हैं, लेकिन जानकार सूत्रों का साफ कहना है, अगर प्रदेश की बैठक के लिए भाजपा के राष्ट्रीय स्तर के नेता रहे हैं तो इसका मतलब साफ है कि विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा होगी। आज तक कभी भी प्रदेश स्तर की बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय नेता शामिल नहीं हुए हैं।
प्रदेश पदाधिकारियों की लेंगे क्लास
जानकारों की मानें तो बैठक में आरएसएस के प्रदेश के 36 अनुषांगिक संगठनों के अध्यक्ष, संगठन महामंत्री और महामंत्री को बुलाया गया है। ऐसे में भाजपा के भी तीन पदाधिकारी बैठक में शामिल होंगे। इनसे चुनाव की तैयारियों को लेकर जानकारी ली जाएगी और पूछा जाएगा कि जीत के लिए क्या रणनीति है। इसके बाद चुनाव को लेकर आरएसएस के नेता और भाजपा के राष्ट्रीय नेता रणनीति बनाएंगे कि प्रदेश में होने वाले चुनाव में जीत का मंत्र क्या होगा। आरएसएस की बैठक के बाद भाजपा के राष्ट्रीय नेता प्रदेश के पदाधिकारियों और दिग्गज नेताओं से भी अलग से चर्चा करेंगे।
बनेगी तीन माह की योजना
समन्वय समिति की बैठक में 36 अनुषांगिक संगठनों से पिछले तीन माह की कार्ययोजना की जानकारी लेकर समीक्षा की जाएगी। इसके बाद आने वाले तीन माह के लिए उनकी क्या कार्ययोजना होगी, इसको लेकर चर्चा की जाएगी।



